जमानत पर निकले आजम खान गिरफ्तार, कथित मनी लॉन्ड्रिंग में ईडी की कार्रवाई
करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए आजम खान को ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया।
करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए आजम खान को ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था, लेकिन जेल से बाहर आते ही ईडी की कार्रवाई के चलते वह घर नहीं जा सके। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रिहा होने के बाद अपने घर चले गए।
आजम खान की रिहाई की खबर मिलने पर समर्थकों में खुशी का माहौल था। बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर जमा थे और अपने नेता के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, रिहाई के कुछ ही देर बाद हुई गिरफ्तारी ने इस पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत दी थी। अदालत ने दोनों की 10 साल की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दी थी। इसी फैसले के बाद दोनों के जेल से बाहर आने का रास्ता खुला था। ईडी ने आजम खान को जिस मामले में गिरफ्तार किया है, वह दो पैन कार्ड वाले मामले से अलग है।
ईडी की यह जांच मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही है। एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन का कथित दुरुपयोग हुआ और खर्च के हिसाब में अंतर पाया गया। इस मामले में ईडी ने आजम खान और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ जांच तेज कर रखी है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को भी कुर्क कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है। हालांकि, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और खर्च के हिसाब से जुड़े ये आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं। इन पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
गिरफ्तारी के बाद अब आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाना है। वहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खान की कानूनी लड़ाई अब कितने दिन और चलेगी। उनकी गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जमानत पर रिहा होने के बाद आजम खान को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ईडी ने आजम खान को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया। यह मामला दो पैन कार्ड वाले मामले से अलग है, जिसमें उन्हें जमानत मिली थी।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को किस मामले में जमानत मिली थी?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में दोनों की 10 साल की सजा पर रोक लगाकर जमानत दी थी। अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद घर चले गए, जबकि आजम खान को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ईडी के क्या आरोप हैं?
ईडी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन का कथित दुरुपयोग हुआ और खर्च के हिसाब में अंतर मिला। ये आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं और इन पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी की कितनी कीमत की संपत्तियां कुर्क की हैं?
ईडी जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतें कुर्क कर चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
गिरफ्तारी के बाद आजम खान को किस अदालत में पेश किया जाएगा?
आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाना है, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी।
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