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डॉ. श्रीराम नेने का तनाव कम करने का आसान तरीका

काम के बाद तनाव में हैं? घर में कदम रखने से पहले डॉ. श्रीराम नेने ने बताया ये आसान तरीका लंबे दिन की थकान और तनाव ऑफिस छोड़ने के बाद भी खत्म नहीं होता।

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काम के बाद तनाव में हैं? घर में कदम रखने से पहले डॉ. श्रीराम नेने ने बताया ये आसान तरीका

लंबे दिन की थकान और तनाव ऑफिस छोड़ने के बाद भी खत्म नहीं होता। इसे संभालने के लिए कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. श्रीराम नेने ने एक आसान और असरदार तरीका सुझाया है, जिसे उन्होंने "डोरवे डी-कंप्रेशन टेक्नीक" नाम दिया है। यह एक मिनट की प्रैक्टिस है, जिसमें एक सिंपल ब्रीदिंग एक्सरसाइज शामिल है। इसका मकसद दिनभर के काम और घर की शांति के बीच एक मानसिक सीमा बनाना है।

इस तकनीक को अपनाना बेहद आसान है। घर में कदम रखने से पहले दरवाजे पर रुकें और छह धीमी सांसें लें। चार काउंट तक सांस अंदर लें और छह काउंट तक सांस बाहर छोड़ें। डॉ. नेने का कहना है कि यह छोटा सा ब्रेक आपके मूड, नींद और परिवार के साथ बिताए समय की क्वालिटी पर बड़ा असर डाल सकता है। उन्होंने लिखा, "तनाव से आराम की ओर जाने का तरीका आपकी शाम को आकार देता है।"

एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि यह प्रैक्टिस फायदेमंद हो सकती है। आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन और रेस्पिरेटरी सर्विसेज के डायरेक्टर डॉ. (कर्नल) विजय दत्ता बताते हैं कि यह छोटा सा ब्रेक काम और पर्सनल लाइफ के बीच मानसिक अंतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा, "सिर्फ एक मिनट की ध्यानपूर्वक सांस लेने से तनाव कम हो सकता है और आप घर में शांत और ज्यादा प्रेजेंट महसूस कर सकते हैं।"

यह तकनीक इसलिए भी असरदार है क्योंकि तनाव के दौरान सांसें तेज और उथली हो जाती हैं। धीमी और नियंत्रित सांसें शरीर को शांत करती हैं और तनाव के फिजिकल लक्षणों को कम करती हैं। ग्लेनीगल्स हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजी और लंग ट्रांसप्लांट डायरेक्टर डॉ. समीर गार्डे बताते हैं कि इस तरह की ब्रीदिंग ऑक्सीजन एक्सचेंज को रेगुलेट करती है, हार्ट रेट को धीमा करती है और मसल टेंशन को कम कर एक शांत एहसास देती है।

डॉ. दत्ता के मुताबिक, यह प्रैक्टिस पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करती है, जिसे "रेस्ट एंड डाइजेस्ट" सिस्टम भी कहा जाता है। यह शरीर को तनाव से आराम की स्थिति में लाने में मदद करता है। इस शांत प्रभाव को वैज्ञानिक शोध भी सपोर्ट करते हैं, जिससे यह केवल एक प्लेसिबो नहीं है।

हालांकि डोरवे डी-कंप्रेशन टेक्नीक क्रॉनिक स्ट्रेस का हल नहीं है, लेकिन यह काम और घर की जिंदगी के बीच एक सीमा बनाने की आदत डालने में मददगार हो सकती है। इसकी सादगी—सिर्फ एक मिनट का समय और कोई उपकरण न होना—इसे तनाव को मैनेज करने का एक आसान और असरदार तरीका बनाती है। जैसा कि डॉ. नेने ने सही कहा, "छोटी आदतें, बड़ा असर।"

डिस्क्लेमर: कोई भी नई रूटीन शुरू करने से पहले अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से सलाह जरूर लें।

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