डीआर कांगो फैन मिशेल मबोलाडिंगा क्वारंटीन में, फिर भी चर्चित
फीफा वर्ल्ड कप: 90 मिनट तक मूर्ति की तरह खड़े रहने वाले डीआर कांगो फैन मिशेल मबोलाडिंगा से मिलिए नई दिल्ली: मिशेल नकुका मबोलाडिंगा, जिन्हें लुमुंबा विया के नाम से भी जाना जाता है, डीआर कांगो की नेशनल
फीफा वर्ल्ड कप: 90 मिनट तक मूर्ति की तरह खड़े रहने वाले डीआर कांगो फैन मिशेल मबोलाडिंगा से मिलिए
नई दिल्ली: मिशेल नकुका मबोलाडिंगा, जिन्हें लुमुंबा विया के नाम से भी जाना जाता है, डीआर कांगो की नेशनल फुटबॉल टीम को सपोर्ट करने के अपने अनोखे अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर हो गए हैं। लेकिन बुधवार को जब डीआर कांगो ने फीफा वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को 1-1 की बराबरी पर रोका, तब मबोलाडिंगा स्टेडियम में मौजूद नहीं थे। मबोलाडिंगा फिलहाल इबोला वायरस के प्रकोप के चलते 21 दिन के क्वारंटीन में हैं।
मबोलाडिंगा 2025 में अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के दौरान वायरल हो गए थे, जब टीवी कैमरों ने उन्हें मैच के दौरान बिल्कुल स्थिर खड़े हुए कैप्चर किया। वो कभी-कभी पूरे 90 या 120 मिनट तक ऐसे ही खड़े रहते थे। उनके खास अंदाज और शानदार कपड़ों ने उन्हें सोशल मीडिया पर "स्टैच्यू फैन" का नाम दिलाया। उनका ये अंदाज डीआर कांगो के पहले प्रधानमंत्री और देश के ऐतिहासिक नेता पैट्रिस लुमुंबा को श्रद्धांजलि देने का तरीका है।
उनकी उठी हुई बांह किंशासा में मौजूद मशहूर लुमुंबा स्मारक की नकल करती है। उनके पुराने स्टाइल वाले चश्मे, टेलर्ड सूट और सख्त मुद्रा भी स्वतंत्रता सेनानी लुमुंबा को सम्मान देने के लिए चुनी गई है। डीआर कांगो के फुटबॉल फैंस के लिए राहत की बात है कि मबोलाडिंगा अपना क्वारंटीन समय पूरा कर 23 जून को कोलंबिया के खिलाफ अगले वर्ल्ड कप मैच में स्टेडियम में मौजूद होंगे।
मैदान पर डीआर कांगो ने इतिहास रच दिया, जब उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में अपना पहला पॉइंट हासिल किया। उन्होंने ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में 68,777 दर्शकों के सामने पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोका। ये अफ्रीकी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है, जो 52 साल बाद वर्ल्ड कप में खेल रहा है। डीआर कांगो के शानदार प्रदर्शन से पहले केप वर्डे ने भी स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोककर सबको चौंका दिया था।
पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर कहा, "कई बार प्रदर्शन चुनौती के स्तर का नहीं होता। वर्ल्ड कप ऐसा टूर्नामेंट है जहां ये सब होता है।" स्टेडियम में पुर्तगाल के फैंस की संख्या ज्यादा होने के बावजूद डीआर कांगो ने अपनी छाप छोड़ी। अब फैंस मबोलाडिंगा की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, जिनकी मौजूदगी डीआर कांगो फुटबॉल कल्चर का अहम हिस्सा बन चुकी है।
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