जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों के सुधार के लिए अभियान शुरू किया
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने राजस्व अभिलेखों में अंश निर्धारण की त्रुटियों को सुधारने के लिए पूरे जनपद में एक माह का विशेष सुधारीकरण अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने राजस्व अभिलेखों में अंश निर्धारण की त्रुटियों को सुधारने के लिए पूरे जनपद में एक माह का विशेष सुधारीकरण अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पाया कि भूलेखों में दर्ज अंश निर्धारण वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रहा, जिससे काश्तकारों और ग्रामीणों को काफी परेशानियां हो रही हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने इसे ठीक करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
अभियान को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी लेखपालों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है, जिसके तहत वे गांव-गांव जाकर खतौनी पढ़ेंगे और उसमें मौजूद त्रुटियों को चिह्नित करेंगे। पाई गई भिन्नताओं को नियमानुसार सुधारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र काश्तकार या प्रभावित गाटा छूटने न पाए।
सुधारीकरण अभियान की निगरानी के लिए एडीएम (नमामि गंगे) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह अभियान एक माह तक लगातार चलेगा, और जिलाधिकारी खुद हर सप्ताह समीक्षा बैठक कर तहसीलवार और हल्कावार प्रगति की रिपोर्ट लेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस अभियान के दौरान पूरी पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता को अपनी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। यह अभियान ग्रामीणों और काश्तकारों की समस्याओं को हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों के लिए क्या अभियान शुरू किया है?
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने भूलेखों में अंश निर्धारण की त्रुटियों को ठीक करने के लिए एक माह का विशेष सुधारीकरण अभियान शुरू किया है। इसमें सभी लेखपाल गांव-गांव जाकर खतौनी पढ़ेंगे और त्रुटियों को चिह्नित करके सुधार करेंगे।
इस समस्या से किसे परेशानियां हो रही हैं?
भूलेखों में दर्ज अंश निर्धारण वास्तविक स्थिति से मेल न खाने के कारण काश्तकारों और ग्रामीणों को काफी परेशानियां हो रही हैं।
इस अभियान की निगरानी कौन कर रहे हैं?
सुधारीकरण अभियान की निगरानी के लिए एडीएम (नमामि गंगे) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी हर सप्ताह समीक्षा बैठक कर तहसीलवार और हल्कावार प्रगति की रिपोर्ट लेंगे।
यह अभियान कितने समय तक चलेगा?
यह सुधारीकरण अभियान एक माह तक लगातार चलेगा।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों के साथ क्या होगा?
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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