श्रावस्ती में जिलाधिकारी ने शुरू किया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान
श्रावस्ती में आज ’’राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’’ अभियान की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय सिसवा, हरिहरपुररानी ब्लॉक में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने की।
श्रावस्ती में आज ’’राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’’ अभियान की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय सिसवा, हरिहरपुररानी ब्लॉक में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने की। डीएम ने फीता काटकर और बच्चों को खुद एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि जिले का कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रह जाए।
इस अभियान के तहत 1 से 19 साल तक के बच्चों को कृमि नियंत्रण के लिए निःशुल्क एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। डीएम ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बाधित करता है। इससे स्कूलों में उनकी अनुपस्थिति बढ़ती है, पढ़ाई प्रभावित होती है और बच्चे कुपोषण व एनीमिया का शिकार हो जाते हैं। अभियान का उद्देश्य इन समस्याओं को रोकना है। 14 अगस्त, 2026 को मॉप-अप दिवस भी मनाया जाएगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा दी जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. वर्मा ने बताया कि कुछ बच्चों में दवा खाने के बाद मामूली दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे जी मचलाना, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और थकान। उन्होंने कहा कि यह प्रभाव अस्थायी होते हैं और इन्हें आसानी से संभाला जा सकता है। ऐसे मामलों में बच्चों को खुली और हवादार जगह पर लिटाकर साफ पानी पिलाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय स्वास्थ्य सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार, डीईआईसी मैनेजर प्रतीक शाक्य, डीपीएम मनीष आरबीएस और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी इसमें भाग लिया। जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों से अभियान को सफल बनाने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान में कौन से बच्चों को दवा दी जाएगी?
इस अभियान के तहत 1 से 19 साल तक के सभी बच्चों को कृमि नियंत्रण के लिए निःशुल्क एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी।
कृमि संक्रमण से बच्चों को क्या नुकसान होता है?
कृमि संक्रमण बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बाधित करता है। इससे स्कूलों में अनुपस्थिति बढ़ती है, पढ़ाई प्रभावित होती है और बच्चे कुपोषण व एनीमिया का शिकार हो जाते हैं।
एल्बेंडाजोल की दवा के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
कुछ बच्चों में जी मचलाना, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और थकान जैसे मामूली दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ये प्रभाव अस्थायी होते हैं और इन्हें आसानी से संभाला जा सकता है। ऐसे मामलों में बच्चों को खुली और हवादार जगह पर लिटाकर साफ पानी पिलाने की सलाह दी गई है।
14 अगस्त, 2026 को मॉप-अप दिवस क्या है?
मॉप-अप दिवस पर उन बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी जो पहली बार अभियान से छूट गए हों।
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