श्रावस्ती में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने की तैयारियां तेज
श्रावस्ती में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है।
श्रावस्ती में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने 17 अगस्त को लक्ष्मन नगर स्थित किसान डिग्री कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का निरीक्षण किया। यह शरणालय तहसील जमुनहा के अंतर्गत आता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा प्रभावितों के ठहरने, सुरक्षा, स्वास्थ्य और खान-पान की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शरणालय में शुद्ध पेयजल के लिए टैंकर और क्लोरीन गोलियों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। प्राथमिक चिकित्सा टीम, जीवन रक्षक दवाएं, सर्पदंश के टीके और ओआरएस के पैकेट चौबीसों घंटे उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। प्रभावित परिवारों के लिए पके भोजन, सूखा राशन और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर और आपातकालीन लाइटों का इंतजाम करने को भी कहा गया। मवेशियों के लिए भूसा, चारा और टीकाकरण की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आपदा कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में लोग सीधे जिला प्रशासन या आपदा हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी जमुनहा रवि प्रताप सिंह, तहसीलदार जमुनहा और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि बाढ़ की स्थिति में लोगों को हर संभव मदद मिले और राहत कार्यों में कोई कमी न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं?
प्रशासन ने बाढ़ शरणालय बनाए हैं, जिसमें स्वास्थ्य, खान-पान, और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई हैं।
बाढ़ शरणालय में क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
शरणालय में शुद्ध पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, जीवन रक्षक दवाएं, और पके भोजन की व्यवस्था की गई है।
लोग आपात स्थिति में किससे संपर्क कर सकते हैं?
लोग सीधे जिला प्रशासन या आपदा हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
आपदा कंट्रोल रूम कब सक्रिय है?
आपदा कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है।
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