दिल्ली पुलिस ने एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया है और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने यह कार्रवाई 24 अगस्त को की।
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया है और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने यह कार्रवाई 24 अगस्त को की। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड संदीप कुमार, उसका साथी अखिल कुमार, वेबसाइट डेवलपर राकेश कुमार और तीन महिला टेली-कॉलर्स श्वेता, सपना और साक्षी शामिल हैं। यह गिरोह 'Bretish Airways' और 'Future Wings Learning Institute' जैसे फर्जी नामों से काम कर रहा था और युवाओं को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगी करता था।
आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिए थे। ऑनलाइन जॉब पोर्टल से नौकरी तलाशने वालों का डेटा खरीदकर टेली-कॉलर्स उन्हें फोन करते थे। वे खुद को एविएशन कंपनी के एचआर अधिकारी बताते थे और एविएशन डिप्लोमा या कोर्स में दाखिले का लालच देते थे। हर उम्मीदवार से 7,000 से 10,000 रुपये रजिस्ट्रेशन या एडमिशन फीस के नाम पर वसूले जाते थे। पैसे लेने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे। जब शिकायतें बढ़ीं तो गिरोह ने 'Shankh Airways' और 'Excellence Learning Institute' जैसे नए फर्जी नाम भी इस्तेमाल किए।
यह पूरा रैकेट नोएडा के गौर सिटी सेंटर मॉल में किराए के एक ऑफिस से चलाया जा रहा था। संदीप कुमार 23 साल का है और ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है, जबकि अखिल कुमार 27 साल का है और मुरादाबाद से है। वेबसाइट डेवलपर राकेश कुमार 47 साल का है और ग्रेटर नोएडा वेस्ट का रहने वाला है। संदीप और अखिल को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के बाद बाकी आरोपियों का पता चला।
एक पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानी हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। 14 जुलाई 2026 को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई। पुलिस ने मोबाइल नंबर, IPDR, ब्रॉडबैंड डिटेल, वेबसाइट रजिस्ट्रेशन और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की। NCRP पर कुल 10 शिकायतें मिलीं। छापे में दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और नौकरी तलाशने वालों के डेटा वाले रजिस्टर बरामद हुए।
पुलिस ने नौकरी चाहने वालों को सलाह दी है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के लिए पैसे न दें। असली एयरलाइंस उम्मीदवारों से कभी फीस नहीं लेतीं। किसी भी जॉब ऑफर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर जांचें। यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को दिखाता है, जहां बेरोजगार युवा आसानी से फर्जी नौकरी के जाल में फंस जाते हैं। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
दिल्ली पुलिस ने इस एयरलाइन जॉब रैकेट में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मास्टरमाइंड संदीप कुमार, उसका साथी अखिल कुमार, वेबसाइट डेवलपर राकेश कुमार और तीन महिला टेली-कॉलर्स श्वेता, सपना और साक्षी शामिल हैं।
यह ठगी का तरीका क्या था?
गिरोह ने फर्जी वेबसाइट बनाई और नकली कंपनियों के नाम से काम किया। टेली-कॉलर्स खुद को एयरलाइन का एचआर अधिकारी बताते और एविएशन डिप्लोमा का झांसा देते थे। फिर 7,000 से 10,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूल लेते थे और संपर्क तोड़ देते थे।
यह रैकेट कहां से चलाया जा रहा था?
यह पूरा रैकेट नोएडा के गौर सिटी सेंटर मॉल में किराए के एक ऑफिस से चलाया जा रहा था।
नौकरी चाहने वालों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के लिए पैसे न दें। असली एयरलाइंस कभी फीस नहीं लेतीं। किसी भी जॉब ऑफर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर जांचें।
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