कोयला गैसीकरण से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी: जी किशन रेड्डी
कोयला गैसीकरण से आयात पर निर्भरता कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी: जी किशन रेड्डी केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि भारत कोयला गैसीकरण प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाकर आयात
केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि भारत कोयला गैसीकरण प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाकर आयात पर अपनी निर्भरता कम कर सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। सरकार इस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र की योजना को प्रमोट करने के लिए आयोजित रोड शो में रेड्डी ने कहा कि भारत के बड़े कोयला भंडार को हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स जैसे सिंगैस, मेथनॉल, हाइड्रोजन, एथनॉल, यूरिया और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में बदला जा सकता है। इनमें से कई प्रोडक्ट्स भारत अभी बड़े पैमाने पर आयात करता है। कोयला गैसीकरण से ये प्रोडक्ट्स देश में ही बनाए जा सकते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और फर्टिलाइजर, स्टील, केमिकल्स, ट्रांसपोर्ट और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में नई इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन को बढ़ावा मिलेगा।
रेड्डी ने बताया कि भारत के पास दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है, जो 400 बिलियन टन से ज्यादा है। भारत एडवांस कोयला टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अपने इंडस्ट्रियल सेक्टर को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत दुनिया में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा प्रोड्यूसर और कंज्यूमर है, और कोल इंडिया लिमिटेड दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है।
इसके अलावा, मंत्री ने छत्तीसगढ़ की गेवरा खदान का जिक्र किया, जो दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।