चीन की पीएलए 99वीं सालगिरह, 100 साल के लक्ष्यों की ओर बढ़ी
पीएलए की 99वीं सालगिरह चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) 1 अगस्त को अपनी 99वीं सालगिरह मना रही है। यह दिन पीएलए के लगभग 100 साल के सफर में एक अहम पड़ाव है।
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) 1 अगस्त को अपनी 99वीं सालगिरह मना रही है। यह दिन पीएलए के लगभग 100 साल के सफर में एक अहम पड़ाव है। यह सालगिरह ऐसे वक्त पर आ रही है जब पीएलए अपनी शताब्दी के लक्ष्यों से सिर्फ एक साल दूर है। यह चीन की क्रांतिकारी सेना से एक आधुनिक सैन्य ताकत बनने की उसकी यात्रा को दिखाती है।
100 साल का सफर
पीएलए की स्थापना 1927 में हुई थी। उस वक्त यह एक साधारण क्रांतिकारी समूह था, जिसके पास सीमित हथियार थे। लेकिन दशकों में यह एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। आज यह दुनिया की सबसे तकनीकी रूप से उन्नत और रणनीतिक रूप से सक्षम सेनाओं में से एक है। यह बदलाव चीन की आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर बनने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।
रणनीतिक महत्व
यह सालगिरह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। यह पीएलए की रणनीतिक दिशा और चीन के सैन्य और भू-राजनीतिक भविष्य में उसकी भूमिका की याद दिलाती है। 2027 तक अपने शताब्दी लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश में, पीएलए खुद को एक विश्वस्तरीय ताकत के रूप में और मजबूत करना चाहता है। यह चीन की वैश्विक प्रभाव बढ़ाने की व्यापक योजनाओं से जुड़ा है।
जैसे-जैसे पीएलए अपने 100वें साल की ओर बढ़ रहा है, उसकी यह यात्रा चीन की सैन्य रणनीति और तकनीकी नवाचार पर बढ़ते जोर को समझने का मौका देती है।
स्रोत: South China Morning Post
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