चंदौसी में कीचड़ भरी गली से नंगे पैर स्कूल जाते दिखे बच्चे
ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा में विकास के दावों के बीच बच्चों को कीचड़ भरी गलियों से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। गांव की मुख्य गली में कीचड़ और नाली का गंदा पानी भरा हुआ है।
ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा में विकास के दावों के बीच बच्चों को कीचड़ भरी गलियों से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। गांव की मुख्य गली में कीचड़ और नाली का गंदा पानी भरा हुआ है। इसी रास्ते से दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे नंगे पैर, कंधे पर बस्ता टांगे स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं।
यह मामला चंदौसी का है। ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा के ग्राम सचिवालय यानी पंचायत भवन पर ताला लटका हुआ है। पंचायत भवन के परिसर में मवेशी चर रहे हैं। दूसरी तरफ गांव की गलियों की हालत विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
वायरल तस्वीर में गांव की मुख्य गली की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। पूरी गली कीचड़ और नाली के गंदे पानी से लबालब भरी है। इंटरलॉकिंग सड़क भी पूरी तरह कीचड़ में धंस गई है। गली के दोनों तरफ नाली का पानी सड़क पर बह रहा है।
इसी कीचड़ भरे रास्ते से दो बच्चे रोज स्कूल जाने को मजबूर हैं। दोनों बच्चे नंगे पैर चल रहे हैं और उनके कंधों पर स्कूल के बस्ते हैं। तस्वीर में उनके पीछे एक बुजुर्ग भी दिखाई दे रहा है। वह अपनी साइकिल को कीचड़ से बचाते हुए धक्का मारकर ले जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान श्रीमती रेखा रानी के कार्यकाल में गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक, न तो नालियों की सफाई होती है और न ही गलियों से जलभराव निकालने की व्यवस्था है। उनका कहना है कि हल्की सी बारिश में भी गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के स्कूल जाने वाला यही मुख्य रास्ता है। रास्ते में कीचड़ और पानी भरा होने के कारण बच्चे रोज गिरते हैं। इससे उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस स्थिति के चलते बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत भवन पर ताला लटका होने से शिकायत करने का भी कोई ठिकाना नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बार ब्लॉक के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संभल और बीडीओ से मांग की है कि ग्राम पंचायत मिटनपुर की गलियों की मरम्मत कराई जाए। उन्होंने जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान कराने की भी मांग की है, ताकि मासूम बच्चों को कीचड़ में स्कूल न जाना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मामला कहां का है?
यह मामला चंदौसी की ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा का है।
बच्चों को स्कूल जाने में क्या परेशानी हो रही है?
गांव की मुख्य गली में कीचड़ और नाली का गंदा पानी भरा है, इसलिए बच्चे नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
गांव की गलियों की हालत कैसी है?
गलियां कीचड़ और जलभराव से भरी हैं। इंटरलॉकिंग सड़क भी कीचड़ में धंस गई है और नाली का पानी सड़क पर बह रहा है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संभल और बीडीओ से गलियों की मरम्मत और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
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