चंदौसी के मिटनपुर पंचायत भवन पर ताला, परिसर में घूम रहे मवेशी
चंदौसी के ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा में बना ग्राम सचिवालय / पंचायत भवन बदहाली का शिकार है।
चंदौसी के ग्राम पंचायत मिटनपुर मौजा में बना ग्राम सचिवालय / पंचायत भवन बदहाली का शिकार है। भवन के बाहर लगे बोर्ड पर ग्राम प्रधान श्रीमती रेखा रानी और अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, लेकिन भवन पर हमेशा ताला लटका रहता है। परिसर में मवेशी चरते दिखाई दे रहे हैं और ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने और ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण विकास का केंद्र बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन मिटनपुर की तस्वीर इन दावों से अलग जमीनी हकीकत दिखा रही है। रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम सचिवालय / पंचायत भवन की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है।
वायरल तस्वीर में भवन की खराब हालत साफ नजर आ रही है। पंचायत भवन की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है। दीवारों पर सीलन और कालापन जमा है। भवन के सामने इंटरलॉकिंग लगी हुई है, लेकिन उसके आगे घास उग आई है।
इसी परिसर में एक भैंस का बच्चा बंधा हुआ चर रहा है। पूरे परिसर में गंदगी और जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है। तस्वीरों में यह भवन कम और खंडहर ज्यादा नजर आ रहा है। भवन की देखभाल और नियमित इस्तेमाल नहीं होने की वजह से इसकी हालत लगातार खराब दिख रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सचिवालय का निर्माण उनकी समस्याओं का समाधान गांव में ही करने के लिए कराया गया था। इसका मकसद यह था कि ग्रामीणों को अपने कामों के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
ग्रामीणों के मुताबिक, यहां कभी सचिव, प्रधान या कोई कर्मचारी समय पर नहीं बैठता। लोग जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और पेंशन संबंधी कार्यों के लिए ग्राम सचिवालय पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत भवन सिर्फ कागजों में संचालित हो रहा है। उनका कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बना यह भवन रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो रहा है। भवन के बाहर अधिकारियों और ग्राम प्रधान के नाम दर्ज होने के बावजूद ताला लगा रहना भी ग्रामीणों के बीच सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संभल और जिला पंचायत राज अधिकारी से ग्राम पंचायत मिटनपुर के सचिवालय / पंचायत भवन की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यहां नियमित रूप से कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और पेंशन संबंधी कामों के लिए लोगों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंदौसी के मिटनपुर पंचायत भवन की हालत कैसी है?
मिटनपुर पंचायत भवन पर हमेशा ताला लगा रहता है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है, सीलन और कालापन है, जबकि परिसर में घास, गंदगी और जलभराव दिखाई दे रहा है।
पंचायत भवन के परिसर में क्या दिखाई दे रहा है?
परिसर में मवेशी चरते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में एक भैंस का बच्चा भी बंधा हुआ नजर आ रहा है।
ग्रामीणों को पंचायत भवन बंद मिलने से किन कामों में परेशानी हो रही है?
ग्रामीणों को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और पेंशन से जुड़े कामों के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संभल और जिला पंचायत राज अधिकारी से पंचायत भवन की जांच कराने और वहां कर्मचारियों के नियमित बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।
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