CBSE आंसर शीट विवाद: Coempt EduTeck ने तकनीकी खराबी से किया इनकार
CBSE आंसर शीट विवाद: कंपनी ने टेक्निकल खराबी से किया इनकार, स्कैनिंग में गलती का आरोप CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को संभालने वाली हैदराबाद की कंपनी Coempt EduTeck ने टेक्नोलॉजी में खराबी
CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को संभालने वाली हैदराबाद की कंपनी Coempt EduTeck ने टेक्नोलॉजी में खराबी और सिक्योरिटी ब्रेके आरोपों को खारिज कर दिया है। कंपनी ने हालिया शिकायतों को ऑपरेशनल मुद्दों से जुड़ा बताया, न कि अपने सॉफ्टवेयर या इंफ्रास्ट्रक्चर में किसी खामी से।
विवाद तब बढ़ा जब खबर आई कि एक स्टूडेंट को किसी और कैंडिडेट की आंसर शीट मिली। इस पर Coempt ने सफाई दी कि ये मामला सॉफ्टवेयर की खराबी नहीं, बल्कि फिजिकल स्कैनिंग प्रक्रिया से जुड़ा है। कंपनी ने कहा, "हमने उस लोकेशन और व्यक्ति की पहचान कर ली है जिसने स्कैनिंग की थी। हमने 100% पुष्टि की है कि टेक्नोलॉजी में कोई गलती नहीं है।"
स्टूडेंट्स की शिकायतें बढ़ रही हैं, खासकर स्कैन की गई आंसर शीट्स तक पहुंच और उनकी क्वालिटी को लेकर। धुंधली इमेज और लिखावट को पढ़ने में परेशानी की शिकायतें सामने आई हैं। Coempt ने कहा कि इन मामलों की समीक्षा की जा रही है और इवैल्यूएशन अथॉरिटीज के साथ मिलकर इन्हें सुलझाया जा रहा है। कंपनी ने ये भी साफ किया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर घटिया हार्डवेयर को शामिल करने का आरोप गलत है।
कंपनी ने स्कैनिंग में इस्तेमाल किए गए स्कैनर्स का बचाव किया और कहा कि ये इंडस्ट्री-ग्रेड मॉडल हैं, जिन्हें हर साल अपग्रेड किया जाता है। स्कैनिंग रिजॉल्यूशन को बेहतर बताया गया और कहा कि करीब 95% स्टूडेंट्स को उनकी आंसर शीट्स पहले ही दी जा चुकी हैं, हालांकि कुछ जगहों पर दिक्कतें हुई हैं।
सिक्योरिटी को लेकर उठे सवालों पर, जो एक 19 साल के एथिकल हैकर ने उठाए थे, Coempt ने सफाई दी कि उसने सिर्फ टेस्टिंग सर्वर को एक्सेस किया था जिसमें डमी डेटा था, न कि वो प्रोडक्शन सिस्टम जिसमें स्टूडेंट्स की जानकारी होती है। कंपनी ने कहा कि ये सर्वर पब्लिकली एक्सेसिबल था और इंटरनल इस्तेमाल के लिए बनाया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टूडेंट डेटा या ऑपरेशनल सिस्टम्से कोई समझौता नहीं हुआ है।
2019 के तेलंगाना इंटरमीडिएट एग्जाम विवाद पर भी सवाल उठे हैं। Coempt ने कहा कि इस मामले की कोर्ट्स ने जांच की थी और सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें मास-रीइवैल्यूएशन, मुआवजे और कंपनी के खिलाफ क्रिमिनल एक्शन की मांग की गई थी।
Coempt EduTeck भारत के 35 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूशन्स को एग्जाम से जुड़ी सेवाएं देती है, जैसे डिजिटाइजेशन, ऑन-स्क्रीन मार्किंग, AI-असिस्टेड इवैल्यूएशन और क्वेश्चन पेपर मैनेजमेंट।
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