चंदौसी बाईपास पर दर्जनों कार्टन से लदा ओवरलोड ई-रिक्शा दिखा
संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। चंदौसी के मुरादाबाद टी-पॉइंट बाईपास पर एक ओवरलोड ई-रिक्शा सड़क पर फर्राटा भरता नजर आया।
संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। चंदौसी के मुरादाबाद टी-पॉइंट बाईपास पर एक ओवरलोड ई-रिक्शा सड़क पर फर्राटा भरता नजर आया। रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ई-रिक्शा से चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा पर उसकी क्षमता से कई गुना अधिक माल लादा गया था। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि ई-रिक्शा के ऊपर, पीछे और दोनों साइड में चारों तरफ दर्जनों बड़े-बड़े कार्टन बॉक्स रस्सियों से बांधकर लटकाए गए हैं।
इन बॉक्सों की ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि ई-रिक्शा कभी भी असंतुलित होकर पलट सकता है। माल को इस तरह लादे जाने से वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। इससे बाईपास पर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी परेशानी और खतरा बढ़ गया है।
सबसे बड़ी लापरवाही यह बताई जा रही है कि इतना अधिक माल लादने के कारण चालक को साइड और पीछे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पीछे या साइड से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों से टक्कर की पूरी संभावना है।
मुरादाबाद टी-पॉइंट बाईपास पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे रास्ते पर इस तरह ओवरलोड ई-रिक्शा चलना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। वाहन के आसपास लटकाए गए कार्टन बॉक्स सड़क पर संतुलन बिगड़ने या दूसरे वाहनों से टकराने का खतरा भी पैदा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुरादाबाद टी-पॉइंट बाईपास और शहर में अक्सर ई-रिक्शा और ऑटो चालक ओवरलोड सवारी और माल ढोते हैं। लोगों के अनुसार, कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद यातायात पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कार्रवाई नहीं होने के कारण चालकों के हौसले बुलंद हैं। वे बेखौफ होकर यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और क्षमता से अधिक सवारी या माल लेकर वाहन चला रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से ऐसे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों के लाइसेंस, परमिट और ओवरलोडिंग की जांच कर चालान करने की मांग भी की है।
नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सकेगा और लोगों की जान-माल की सुरक्षा हो सकेगी.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंदौसी बाईपास पर क्या मामला सामने आया?
चंदौसी के मुरादाबाद टी-पॉइंट बाईपास पर दर्जनों कार्टन से लदा एक ओवरलोड ई-रिक्शा सड़क पर चलता दिखा।
ई-रिक्शा पर कार्टन कैसे लादे गए थे?
ई-रिक्शा के ऊपर, पीछे और दोनों साइड में बड़े-बड़े कार्टन रस्सियों से बांधकर लटकाए गए थे।
ओवरलोड ई-रिक्शा से क्या खतरा था?
ज्यादा माल के कारण ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़कर पलट सकता था। चालक को पीछे और साइड से आने वाले वाहन भी दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे टक्कर का खतरा था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्या मांग की?
स्थानीय लोगों ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और ई-रिक्शा चालकों के लाइसेंस, परमिट व ओवरलोडिंग की जांच कर चालान करने की मांग की।
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