शिनजियांग के कब्रिस्तान में मिली DNA से यलो रिवर किसानों का रिश्ता
शिनजियांग के 3,600 साल पुराने कब्रिस्तान में वैज्ञानिकों को यलो रिवर के किसानों का DNA मिला। कांस्य युग की आबादी यूरेशियन और चीनी दोनों की मिश्रित थी।
वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि शिनजियांग के सबसे पुराने कब्रिस्तान में रहने वाले कांस्य युग के लोग सिर्फ यूरेशियन खानाबदोश नहीं थे, बल्कि यलो रिवर के किसानों से काफी ज्यादा वंश वाली एक आनुवंशिक रूप से मिली-जुली आबादी थी, शुक्रवार को जर्नल साइंस में छपी एक स्टडी के मुताबिक।
इस रिसर्च में तियानशानबेइलु कब्रिस्तान के अवशेषों का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चलता है कि यह आबादी 3,600 साल पहले पूर्वी तियानशान इलाके में रहती थी, चीन के शांग राजवंश (1600-1050 ईसा पूर्व) के दौरान। यह खोज उस लंबे समय से मानी गई धारणा को चुनौती देती है कि इस जगह पर खोदी गई 700 से ज्यादा कांस्य युग की कब्रें सिर्फ यूरेशियन खानाबदोशों की थीं जो स्टेप्स से पूर्व की ओर पलायन करके आए थे।
कठिन इलाके में प्राचीन कब्रिस्तान
तियानशानबेइलु कब्रिस्तान हामी ओएसिस में स्थित है, जो शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में तियानशान पर्वत और गोबी रेगिस्तान के बीच बसा हुआ है। यह दफन स्थल क्षेत्रीय राजधानी उरुमकी से करीब 500 किलोमीटर पूर्व में है, ऐसी जमीन पर जहां बहुत कम बारिश होती है और साल भर हवा और रेत का थपेड़ा लगता रहता है।
यह स्टडी शिनजियांग के सबसे पहले ज्ञात निवासियों की आनुवंशिक उत्पत्ति को समझने में एक अहम बदलाव दर्शाती है, जिसमें यलो रिवर के किसानों और यूरेशियन स्टेप समूहों दोनों में जड़ों वाली आबादी का दस्तावेजीकरण किया गया है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिनजियांग के कब्रिस्तान में किस समय के लोगों की कब्रें मिली हैं?
तियानशानबेइलु कब्रिस्तान में कांस्य युग के लोगों की कब्रें मिली हैं, जो लगभग 3,600 साल पहले की हैं। ये लोग चीन के शांग राजवंश (1600-1050 ईसा पूर्व) के समय पूर्वी तियानशान इलाके में रहते थे।
इस स्टडी से पहले वैज्ञानिकों को क्या लगता था इन कब्रों के बारे में?
पहले माना जाता था कि यहां मिली 700 से ज्यादा कांस्य युग की कब्रें सिर्फ यूरेशियन खानाबदोशों की हैं जो स्टेप्स से पूर्व की ओर पलायन करके आए थे। लेकिन नई स्टडी ने इस धारणा को चुनौती दी है।
DNA से क्या पता चला है इन लोगों की आबादी के बारे में?
DNA की खोज से पता चलता है कि ये लोग सिर्फ यूरेशियन खानाबदोश नहीं थे, बल्कि एक आनुवंशिक रूप से मिली-जुली आबादी थी। इनमें आधी DNA यलो रिवर के किसानों से भी थी।
तियानशानबेइलु कब्रिस्तान कहां स्थित है?
यह कब्रिस्तान शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में हामी ओएसिस में स्थित है, जो तियानशान पर्वत और गोबी रेगिस्तान के बीच बसा हुआ है। ये जगह उरुमकी से करीब 500 किलोमीटर पूर्व में है और बहुत कम बारिश वाली रेतीली जमीन पर है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।