सम्राट चौधरी की संपन्न परिवारों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले परिवारों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले परिवारों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है। उन्होंने यह अपील पटना में आयोजित पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0 कार्यक्रम के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उनके मुताबिक, 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा के तहत प्रति परिवार सालाना लगभग 8 हजार से 10 हजार रुपये तक सब्सिडी का भार पड़ता है।
सम्राट चौधरी ने आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे इस सुविधा को अपनी इच्छा से छोड़ने पर विचार करें। सरकार की इस अपील के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य में मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों की पात्रता को लेकर कोई नया नियम बनाया जाएगा। फिलहाल, इस बारे में सरकार की ओर से किसी नए नियम की जानकारी नहीं दी गई है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सम्राट चौधरी ने किससे 125 यूनिट मुफ्त बिजली छोड़ने की अपील की है?
उन्होंने बिहार के आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले परिवारों से यह सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है।
बिहार सरकार बिजली सब्सिडी पर हर साल कितना खर्च कर रही है?
राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर हर साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली से प्रति परिवार सालाना कितनी सब्सिडी का भार पड़ता है?
इस योजना के तहत प्रति परिवार हर साल करीब 8 हजार से 10 हजार रुपये की सब्सिडी का भार पड़ता है।
क्या मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों के लिए कोई नया नियम बनाया गया है?
फिलहाल सरकार ने लाभार्थियों की पात्रता को लेकर किसी नए नियम की जानकारी नहीं दी है।
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