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Politics General मध्य प्रदेश

10 बार के विधायक गोपाल भार्गव मंत्रिमंडल से बाहर, बीजेपी में बहस तेज

10 बार विधायक चुने जाने के बावजूद गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मध्य प्रदेश की राजनीति में वरिष्ठता, लंबे अनुभव और लगातार जनसमर्थन की मिसाल माने जाने वाले गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में जगह

10 बार के विधायक गोपाल भार्गव मंत्रिमंडल से बाहर, बीजेपी में बहस तेज
Image credit: News Darpan Team

मध्य प्रदेश की राजनीति में वरिष्ठता, लंबे अनुभव और लगातार जनसमर्थन की मिसाल माने जाने वाले गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। वह 10 बार विधायक चुने जा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार में शामिल नहीं किए जाने के फैसले को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

गोपाल भार्गव को वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में प्रभाव के चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी माना जाता रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल से उनकी दूरी ने बीजेपी के भीतर नेतृत्व के चयन और वरिष्ठ नेताओं को मिल रही तवज्जो पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीजेपी के इस फैसले से गोपाल भार्गव के समर्थकों में आक्रोश बताया जा रहा है। समर्थकों का सवाल है कि आखिर 10 बार जनता का विश्वास हासिल करने वाले नेता को सरकार में जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई।

समर्थक यह भी पूछ रहे हैं कि क्या पार्टी में लंबे राजनीतिक अनुभव और चुनावी प्रदर्शन का अब कोई महत्व नहीं रह गया है। उनके मुताबिक, लगातार चुनाव जीतने और जनता का समर्थन हासिल करने के बाद भी गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है।

गोपाल भार्गव की अनदेखी को लेकर ब्राह्मण समाज के कुछ वर्गों में भी नाराजगी सामने आ रही है। ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों ने इस मुद्दे को समाज की राजनीतिक भागीदारी और सम्मान से जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जताई है।

हालांकि, मंत्रिमंडल में किसी नेता को शामिल करना पार्टी और मुख्यमंत्री का राजनीतिक फैसला है। फिर भी गोपाल भार्गव को सरकार में जगह नहीं मिलने से बीजेपी के भीतर वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाने वाले इस वरिष्ठ नेता को मंत्रिमंडल से बाहर रखने के फैसले ने पार्टी में वरिष्ठता और अनुभव की अहमियत पर बहस छेड़ दी है। समर्थक और ब्राह्मण समाज के कुछ लोग इसी फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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