आंध्र प्रदेश ने PM SHRI फंड में देश में पहला स्थान हासिल किया
आंध्र प्रदेश ने PM SHRI फंड इस्तेमाल में देश में मारी बाजी: HRD मंत्री नारा लोकेश आंध्र प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना के तहत फंड के इस्तेमाल में देश में पहला स्थान
आंध्र प्रदेश ने PM SHRI फंड इस्तेमाल में देश में मारी बाजी: HRD मंत्री नारा लोकेश
आंध्र प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना के तहत फंड के इस्तेमाल में देश में पहला स्थान हासिल किया है। ये जानकारी राज्य के मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री नारा लोकेश ने दी। PM SHRI योजना केंद्र सरकार की पहल है, जिसका मकसद सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाना है।
गुरुवार, 18 जून 2026 को अपने उंडावल्ली स्थित आवास पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मंत्री लोकेश ने इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने राज्य में कडप्पा मॉडल के तहत 844 स्मार्ट किचन के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन विद्यार्थी मित्र किट्स का वितरण शुरू हो चुका है और इसे मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग प्रोग्राम से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
मंत्री ने 430 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBVs) में 1,06,360 छात्राओं के लिए 53,180 बंक बेड उपलब्ध कराने और राज्य के रेजिडेंशियल स्कूलों व कॉलेजों में भी बंक बेड लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि सरकारी जूनियर कॉलेजों के 2,03,430 छात्रों को एजुकेशनल किट्स वितरित की जा रही हैं।
प्राइवेट अनएडेड स्कूलों को लेकर नारा लोकेश ने अनावश्यक शर्तों को हटाने और स्वीकृत फीस स्ट्रक्चर को स्कूल परिसर में प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि 'तल्लीकी वंदनम' योजना के लाभ अनाथ बच्चों तक पहुंचें।
अनाथ छात्रों की मदद के लिए मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उनके गार्जियन की जानकारी जुटाई जाए। जहां गार्जियन न हो, वहां फंड्स को जिला कलेक्टरों के जरिए या सीधे बच्चों के बैंक खातों में जमा कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इन बच्चों को उनकी पढ़ाई पूरी होने के बाद जमा फंड्स तक पहुंचने के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
तेलुगु अकादमी की किताबों को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए मंत्री ने निर्देश दिए कि इन्हें अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर बेचा जाए। उन्होंने छात्रों के लर्निंग आउटकम्स सुधारने और स्कूल अटेंडेंस को 95% से ऊपर बनाए रखने पर जोर दिया।
कुर्नूल, अनंतपुर, मरकापुरम, अल्लूरी सीताराम राजू और पोलावरम जैसे शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। मंत्री ने इन इलाकों में शिक्षकों की उपलब्धता की समीक्षा करने और टारगेटेड एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड-डे मील योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मातृभाषा तेलुगु की उपेक्षा न करने पर जोर दिया।
गणित, विज्ञान और तेलुगु विषयों में पब्लिक एग्जाम में फेल हो रहे छात्रों की समस्या को हल करने के लिए नारा लोकेश ने ब्रिज-कोर्स मटेरियल, रेमेडियल कोचिंग और कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त क्लासेस की सिफारिश की।
बैठक में शिक्षा विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी (इंचार्ज) श्यामला राव, उच्च शिक्षा आयुक्त नारायण भारत गुप्ता, इंटरमीडिएट शिक्षा आयुक्त रंजीत बाशा, स्कूल शिक्षा निदेशक तमीम अंसारिया, समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक बी. श्रीनिवास राव और एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन के एमडी दीवेन रेड्डी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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