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आंध्र प्रदेश ने विजयवाड़ा में AI आधारित बाढ़ चेतावनी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

आंध्र प्रदेश ने शहरी बाढ़ की भविष्यवाणी के लिए AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया; विजयवाड़ा में सबसे पहले शुरुआत आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी बाढ़ की भविष्यवाणी और उसके असर को कम करने के लिए आर्टिफिशियल

आंध्र प्रदेश ने विजयवाड़ा में AI आधारित बाढ़ चेतावनी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
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आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी बाढ़ की भविष्यवाणी और उसके असर को कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्लेटफॉर्म 'सिटी फ्लड अलर्ट' लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS), आंध्र प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (APSDMA) और IIT गांधीनगर के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मकसद राज्य की बाढ़ से निपटने की रणनीति को रिएक्टिव से प्रिवेंटिव बनाना है। बार-बार बाढ़ का सामना करने वाले विजयवाड़ा शहर में इसे सबसे पहले लागू किया जाएगा।

एडवांस AI और सैटेलाइट मैपिंग

सिटी फ्लड अलर्ट प्लेटफॉर्म में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें AI, सैटेलाइट-बेस्ड टेरेन मैपिंग, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग शामिल हैं। यह प्लेटफॉर्म 48 घंटे पहले बारिश की भविष्यवाणी और 6 घंटे पहले फ्लैश फ्लड की चेतावनी देता है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी से तैयार हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल एलीवेशन मॉडल और विजयवाड़ा में अक्सर बाढ़ लाने वाले बुड़मेरु नाले के लगभग 30 साल के ऐतिहासिक बाढ़ डेटा का इस्तेमाल किया गया है। इससे यह प्लेटफॉर्म बाढ़ संभावित इलाकों की पहचान, अलग-अलग बारिश की स्थितियों में जलभराव का अनुमान और गाद से भरने वाले ड्रेनेज चैनलों को चिन्हित कर सकता है।

जल्दी अलर्ट से समय पर कार्रवाई

जब यह प्लेटफॉर्म बाढ़ का खतरा पहचानता है, तो यह APSDMA को ऑटोमैटिक अलर्ट भेजता है। इसके बाद जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और फील्ड अधिकारियों तक जानकारी तुरंत पहुंचाई जाती है। इस शुरुआती चेतावनी से नालों की सफाई, इमरजेंसी टीमों की तैनाती और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कदम समय पर उठाए जा सकते हैं। इससे बाढ़ के दौरान नुकसान कम करने और जान बचाने में मदद मिलेगी।

पूरे राज्य में विस्तार की योजना

विजयवाड़ा में सफल शुरुआत के बाद, सरकार सिटी फ्लड अलर्ट प्लेटफॉर्म को आंध्र प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने की योजना बना रही है। यह पहल राज्य में जलवायु-संवेदनशील शहरी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर चरम मौसम की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी।

RTGS ने रविवार, 26 जुलाई 2026 को जारी प्रेस रिलीज में कहा कि यह AI आधारित प्लेटफॉर्म न केवल आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाता है, बल्कि शहरी बाढ़ प्रबंधन में प्रेडिक्टिव गवर्नेंस के लिए एक नया मानक स्थापित करता है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश ने कौन सा नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है?

आंध्र प्रदेश सरकार ने 'सिटी फ्लड अलर्ट' नाम का AI आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह शहरी बाढ़ की भविष्यवाणी और असर को कम करने के लिए है। इसे RTGS, APSDMA और IIT गांधीनगर के साथ मिलकर विकसित किया गया है।

सिटी फ्लड अलर्ट प्लेटफॉर्म कितने घंटे पहले चेतावनी दे सकता है?

यह प्लेटफॉर्म 48 घंटे पहले बारिश की भविष्यवाणी दे सकता है और 6 घंटे पहले फ्लैश फ्लड की चेतावनी दे सकता है।

विजयवाड़ा में बाढ़ की भविष्यवाणी के लिए कौन सा ऐतिहासिक डेटा इस्तेमाल किया गया?

विजयवाड़ा में बुड़मेरु नाले के लगभग 30 साल के ऐतिहासिक बाढ़ डेटा का इस्तेमाल किया गया है, क्योंकि यह नाला अक्सर शहर में बाढ़ लाता है।

जब प्लेटफॉर्म बाढ़ का खतरा पहचानता है तो क्या होता है?

प्लेटफॉर्म APSDMA को ऑटोमैटिक अलर्ट भेजता है। इसके बाद जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और फील्ड अधिकारियों तक जानकारी तुरंत पहुंचाई जाती है। इससे नालों की सफाई, इमरजेंसी टीमों की तैनाती और लोगों को सुरक्षित निकालने के कदम समय पर उठाए जा सकते हैं।

क्या यह प्लेटफॉर्म पूरे आंध्र प्रदेश में लागू किया जाएगा?

हां, विजयवाड़ा में सफल शुरुआत के बाद, सरकार इस प्लेटफॉर्म को आंध्र प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने की योजना बना रही है।

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