News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
National Breaking news

अनाहत सिंह बनीं पहली भारतीय स्क्वैश वर्ल्ड जूनियर चैंपियन

अनाहत सिंह बनीं स्क्वैश वर्ल्ड जूनियर चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक पल!

अनाहत सिंह बनीं पहली भारतीय स्क्वैश वर्ल्ड जूनियर चैंपियन
News Darpan AI image

भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक पल! 19 साल की अनाहत सिंह ने शनिवार को कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। अनाहत यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। उन्होंने फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकैया सालेम को सीधे गेम्स में 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।

मिस्र के दबदबे का अंत

अनाहत की जीत सिर्फ उनके करियर का बड़ा पल नहीं है, बल्कि इस टूर्नामेंट में मिस्र के 16 साल के दबदबे को भी खत्म करती है। 2010 में अमेरिका की अमांडा सोबी के बाद अनाहत पहली नॉन-इजिप्शियन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने यह खिताब जीता है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय स्क्वैश की दिग्गज जोशना चिनप्पा के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया, जो 2002 में वर्ल्ड जूनियर फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।

दिल्ली में जन्मी अनाहत ने शुरुआत से ही मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले गेम में उन्होंने 11-3 से शानदार जीत दर्ज की। दूसरे गेम में भी उन्होंने 11-7 से बढ़त बनाई। हालांकि, तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। 6-8 से पीछे चल रही अनाहत ने धैर्य बनाए रखा और 11-9 से गेम जीतकर खिताब अपने नाम किया।

सालों की मेहनत का नतीजा

यह जीत अनाहत के लिए कई सालों की मेहनत का नतीजा है। इससे पहले चार बार वह वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थीं। 2025 में उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन मिस्र की नादीन एल्हम्मामी से हार गई थीं। अपनी इस यात्रा को याद करते हुए अनाहत ने स्क्वैश टीवी से कहा, "यह टूर्नामेंट मेरे लिए सबसे मुश्किल रहा है क्योंकि मैं हर बार सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार जाती थी। मुझे पता था कि यह मेरा आखिरी मौका है इसे जीतने का।"

अनाहत की इस जीत में उनकी मेहनत और प्रोफेशनल अनुभव साफ नजर आया। 16 साल की उम्र में प्रोफेशनल बनीं अनाहत इस समय दुनिया में 20वीं रैंक पर हैं। उन्हें पूर्व वर्ल्ड चैंपियन ग्रेगरी गॉल्टियर कोचिंग देते हैं और भारतीय स्क्वैश के दिग्गज सौरव घोषाल उनका मार्गदर्शन करते हैं। एशियन गेम्स में भी वह कई मेडल जीत चुकी हैं।

आने वाले कल पर नजर

अनाहत की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय स्क्वैश को नई उम्मीद दी है। 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक्स पर नजरें टिकाए, अनाहत अब ग्लोबल स्क्वैश में भारत का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उनकी यह जीत उनकी मेहनत और भारतीय खिलाड़ियों के लिए नई राह खोलने का बड़ा सबूत है।

स्रोत: Indian Express

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने कौन सा खिताब जीता?

अनाहत सिंह ने स्क्वैश वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीता।

अनाहत सिंह ने फाइनल में किस खिलाड़ी को हराया?

अनाहत ने फाइनल में मिस्र की रुकैया सालेम को हराया।

अनाहत सिंह की जीत का क्या महत्व है?

यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक है और मिस्र के 16 साल के दबदबे को खत्म करती है।

अनाहत सिंह की उम्र क्या है?

अनाहत सिंह 19 साल की हैं।

अनाहत सिंह ने पहले कितनी बार वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था?

अनाहत ने पहले चार बार वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थीं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

  5. 5

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।