अजीत डोभाल ने बिम्सटेक देशों के सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया
अजीत डोभाल ने बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर, कहा – ‘चुनौतियां बढ़ रही हैं, मिलकर काम करना जरूरी’ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बिम्सटेक के सदस्य देशों के बीच सहयोग को और
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बिम्सटेक के सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। भारत में हुई बिम्सटेक सिक्योरिटी समिट में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच क्षेत्रीय एकता जरूरी
डोभाल ने कहा कि आज दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटें और नई तकनीकों से जुड़े सुरक्षा खतरे शामिल हैं। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि वे इन मुश्किल हालात में एकजुट होकर अपने साझा हितों की रक्षा करें।
बिम्सटेक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता
डोभाल ने बिम्सटेक को भारत की "नेबरहुड फर्स्ट" और "एक्ट ईस्ट" पॉलिसी के साथ जोड़ा। उन्होंने "सागर" (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रगति के लिए सुरक्षा और विकास को आपसी सहयोग से आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है।
साझा विरासत और रणनीतिक महत्व
डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक सिर्फ बंगाल की खाड़ी के देशों का समूह नहीं है, बल्कि यह सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के साझा रिश्तों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि आतंकवाद, ट्रांसनेशनल क्राइम, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बिम्सटेक ने पहले ही अहम प्रगति की है। इसका फायदा सभी सदस्य देशों को मिलेगा, जिसमें भारत भी शामिल है।
भारत के पूर्वोत्तर और उससे आगे के लिए रणनीतिक अहमियत
बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों का समूह बिम्सटेक भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को पड़ोसी देशों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। यह संगठन भारत की "एक्ट ईस्ट" पॉलिसी को भी मजबूत करता है और दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देता है।
सार्क का विकल्प बन सकता है बिम्सटेक
डोभाल ने बिम्सटेक को सार्क का एक मजबूत विकल्प बताया, खासकर पाकिस्तान की गैर-मौजूदगी के कारण। इससे भारत को क्षेत्र में बिना किसी बाहरी रुकावट के नेतृत्व करने का मौका मिलता है। बिम्सटेक भारत की आर्थिक प्रगति, सुरक्षा और कूटनीतिक पहुंच के लिए बेहद अहम है।
स्रोत: Patrika
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