दुर्व्यवहार झेलने वाले बच्चों को आगे चलकर सेहत समस्याओं का ज्यादा खतरा
दुर्व्यवहार झेल चुके बच्चों में लंबे समय की स्वास्थ्य समस्याओं का ज्यादा खतरा, हांगकांग के एनजीओ ने चेताया अगेंस्ट चाइल्ड अब्यूज ने हांगकांग से बच्चों क…
अगेंस्ट चाइल्ड अब्यूज ने हांगकांग से बच्चों की सुरक्षा के उपायों को और मजबूत करने की अपील की है। संगठन ने हाल के वर्षों में हुई स्थानीय स्टडीज की समीक्षा के बाद यह बात कही, जिनमें देखा गया था कि दुर्व्यवहार बच्चों के विकास और स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है।
एनजीओ ने चरणों में रोकथाम की रणनीति की मांग की
हांगकांग के इस एनजीओ ने कहा कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार पीड़ितों के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। इनमें मोटापा और शरीर में सूजन से जुड़ी प्रतिक्रियाओं का बढ़ना शामिल है।
संगठन ने चरणों में रोकथाम की रणनीति की मांग की। इसमें मुख्य ध्यान जीरो-टॉलरेंस अप्रोच और पॉलिसी सपोर्ट पर रखने की बात कही गई।
अगेंस्ट चाइल्ड अब्यूज ने बुधवार को ये नतीजे साझा किए और बच्चों की सुरक्षा के लिए ज्यादा संसाधनों और बेहतर उपायों की अपील की।
स्थानीय स्टडीज का हवाला
इस समीक्षा में हाल के वर्षों में हुई स्थानीय स्टडीज को आधार बनाया गया, जिनमें बच्चों पर दुर्व्यवहार के असर को देखा गया था।
हवाला दी गई एक स्टडी 2024 में प्रकाशित हुई थी। इसमें 661 बच्चे शामिल थे और शुरुआती बचपन में देखभाल से जुड़े खराब अनुभवों को देखा गया था।
उस स्टडी में पाया गया कि ऐसे अनुभव बच्चों के विकास के पैटर्न में बदलाव से जुड़े थे।
इसमें यह भी पाया गया कि ज्यादा बार उपेक्षा और मनोवैज्ञानिक आक्रामकता का संबंध बाद में बॉडी मास इंडेक्स में अधिक कमी से था।
एनजीओ की चेतावनी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार को स्वास्थ्य के बड़े संदर्भ में रखती है। यह सुरक्षा की कोशिशों को उन खतरों से जोड़ती है, जो बचपन से आगे भी जारी रह सकते हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एनजीओ ने बच्चों के दुर्व्यवहार को लेकर क्या चेतावनी दी है?
अगेंस्ट चाइल्ड अब्यूज ने कहा है कि जिन बच्चों ने दुर्व्यवहार झेला है, उनमें आगे चलकर लंबे समय की सेहत समस्याओं का खतरा ज्यादा हो सकता है।
दुर्व्यवहार का बच्चों की सेहत पर क्या असर बताया गया है?
एनजीओ के मुताबिक दुर्व्यवहार बच्चों के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है और मोटापा या शरीर में सूजन से जुड़ी प्रतिक्रियाओं जैसे खतरे बढ़ा सकता है।
यह चेतावनी किस आधार पर दी गई है?
यह चेतावनी हांगकांग में हाल के वर्षों में हुई स्थानीय स्टडीज की समीक्षा के आधार पर दी गई है, जिनमें बच्चों पर दुर्व्यवहार के असर को देखा गया था।
2024 की स्टडी में क्या पाया गया?
2024 में प्रकाशित स्टडी में 661 बच्चों को शामिल किया गया था। इसमें पाया गया कि शुरुआती बचपन में खराब देखभाल के अनुभव बच्चों के विकास के पैटर्न में बदलाव से जुड़े थे।
एनजीओ ने सरकार या समाज से क्या मांग की है?
एनजीओ ने बच्चों की सुरक्षा के लिए ज्यादा संसाधन, बेहतर उपाय और जीरो-टॉलरेंस अप्रोच के साथ पॉलिसी सपोर्ट वाली चरणों में रोकथाम रणनीति की मांग की है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।