News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
दीपावली से पहले भोपाल स्टेशन के बाहर 700 किलो एनालॉग पनीर जब्तग्वालियर में राम-महाकाल वीडियो विवाद, पति पर पत्नी को तलवार मारने का आरोपश्रावस्ती में गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुर पर हत्या का आरोपअमेठी में झाड़-फूंक के बहाने दलित नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपउज्जैन में फिरौती-फायरिंग के आरोप में रवि डाबी गिरफ्तार, 23 केस दर्जइंदौर में दो कंटेनरों से करीब 3000 पेटी अवैध शराब जब्तग्वालियर में युवक के अपहरण और मारपीट का आरोप, मांगी एक लाख फिरौतीश्रावस्ती में जमीन कब्जे के विवाद में मारपीट, 4 राउंड फायरिंग का आरोप
National General शामली

मजदूरों का आरोप: दो कंपनियों पर नौ लाख मजदूरी बकाया, डीएम से शिकायत

जनपद शामली में 15 श्रमिकों की करीब नौ लाख रुपये मजदूरी बकाया होने का मामला सामने आया है।

मजदूरों का आरोप: दो कंपनियों पर नौ लाख मजदूरी बकाया, डीएम से शिकायत
Image credit: News Darpan Team

जनपद शामली में 15 श्रमिकों की करीब नौ लाख रुपये मजदूरी बकाया होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो कंपनियों में काम करने के बावजूद श्रमिकों को पिछले करीब दो महीने से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूरी नहीं मिलने से श्रमिक परेशान हैं और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

दीपावली का त्योहार नजदीक होने के कारण श्रमिकों की परेशानी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि त्योहार के समय भी मेहनत की कमाई नहीं मिली है। इससे उनके परिवारों के सामने घरेलू खर्च चलाने का संकट पैदा हो गया है।

इस मामले में पीड़ित श्रमिक अनिल कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की है। अनिल कुमार वर्मा पुत्र जयप्रकाश वर्मा, गांव जंगल खेड़वा, जनपद मुजफ्फरनगर के निवासी हैं।

शिकायती पत्र के अनुसार, अनिल कुमार वर्मा ने अन्य श्रमिकों के साथ मिलकर दो कंपनियों में काम किया था। आरोप है कि ओम इंजीनियरिंग तथा स्ट्रीम इंडिया नामक कंपनियों से संबंधित कार्य के दौरान सभी श्रमिकों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

श्रमिकों का आरोप है कि काम पूरा करने के बाद भी उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित का कहना है कि दोनों कंपनियों पर श्रमिकों की करीब नौ लाख रुपये की मजदूरी बकाया है।

शिकायत के मुताबिक, श्रमिकों ने भुगतान के लिए कई बार कंपनी के जिम्मेदार लोगों से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने अपनी बकाया मजदूरी दिलाने की मांग भी की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, श्रमिक करीब दो महीने से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के जिम्मेदार लोगों से संपर्क कर अपनी स्थिति बताई, लेकिन मजदूरी मिलने को लेकर कोई समाधान नहीं हो सका।

श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से काम किया है और अब उन्हें अपनी ही कमाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। दीपावली से पहले भुगतान नहीं मिलने से परिवारों के जरूरी खर्चों को लेकर भी उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

अनिल कुमार वर्मा ने 28 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने मामले का संज्ञान लेने और संबंधित कंपनियों से श्रमिकों की बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की है।

उन्होंने प्रशासन से श्रमिकों की समस्या का जल्द समाधान कराने की अपील की है। श्रमिकों ने उम्मीद जताई है कि जिलाधिकारी मामले में कार्रवाई कर उनकी करीब नौ लाख रुपये की बकाया मजदूरी का भुगतान कराने में मदद करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शामली में कितने श्रमिकों की मजदूरी बकाया है?

शामली में 15 श्रमिकों की करीब नौ लाख रुपये की मजदूरी बकाया है।

मजदूरी कितने समय से नहीं मिली है?

श्रमिकों के मुताबिक, उन्हें करीब दो महीने से मजदूरी नहीं मिली है।

किन कंपनियों पर मजदूरी बकाया होने का आरोप है?

श्रमिकों ने ओम इंजीनियरिंग और स्ट्रीम इंडिया कंपनियों पर मजदूरी बकाया रखने का आरोप लगाया है।

श्रमिकों ने अपनी शिकायत किससे की है?

पीड़ित श्रमिक अनिल कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की है।

जिलाधिकारी को शिकायत कब दी गई?

अनिल कुमार वर्मा ने 28 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया।

#workers#डीएम शिकायत#शामली

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    54वें विशाल कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, काजल बनीं महिला केसरी और …

  2. 2

    हाथरस के ऐहन गांव में ठाकुर जी मेले पर सजा कुश्ती दंगल

  3. 3

    श्रावस्ती में बड़ा फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार

  4. 4

    हाथरस में पूर्व पालिकाध्यक्ष ने शिक्षकों से भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे

  5. 5

    बिलासपुर पहुंचीं रजनी पाटिल, 1 नवंबर के आंदोलन की तैयारियों पर बैठक

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।