पुणे की एक महिला ने विप्रो टेक्नोलॉजीज पर धार्मिक उत्पीड़न और जबरन इस्तीफा लेने का आरोप लगाया है।
महिला ने हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
पुणे की एक महिला ने विप्रो टेक्नोलॉजीज पर धार्मिक उत्पीड़न और जबरन इस्तीफा लेने का आरोप लगाया है।
महिला ने हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

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पुणे की एक महिला ने विप्रो टेक्नोलॉजीज कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि कंपनी में काम करने के दौरान उसे धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी एक सहकर्मी ने बार-बार उस पर इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम पुरुष के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला। इसके अलावा, उसे हिंदू धर्म छोड़ने और इस्लाम अपनाने से बेहतर जीवन और विदेश में अवसर मिलने का दावा किया गया।
महिला ने बताया कि यह उत्पीड़न करीब 10 महीने तक चला। उसने इस मामले की जानकारी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय, कंपनी की ओम्बड्स कमेटी में उसके खिलाफ ही शिकायत दर्ज कर दी गई। अगस्त 2025 में एक टीम मीटिंग के दौरान महिला पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया और उसे अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया।
महिला ने हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब नासिक की एक अन्य आईटी कंपनी में भी धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। वहां भी महिला कर्मचारियों ने जबरन नमाज पढ़ने और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने जैसे आरोप लगाए थे।
पुणे के इस मामले में आगे की जांच जारी है।