TMC में बगावत के सुर: निलंबित नेताओं का दावा, 50 से ज्यादा विधायकों का समर्थन
तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह गहराती जा रही है। पार्टी से निकाले गए संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि 50 से ज्यादा विधायक उनके साथ हैं। कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि TMC का भविष्य खतरे में है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। सोमवार को पार्टी से निलंबित किए गए विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने कोलकाता के MLA हॉस्टल में पार्टी के कुछ अन्य विधायकों के साथ बैठक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में मालदा और मुर्शिदाबाद क्षेत्र के कई विधायक शामिल हुए।
निलंबित नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि TMC के 80 में से 50 से ज्यादा विधायक अब खुद को 'असली तृणमूल' बताने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गुट विपक्ष के नेता के पद में बदलाव की मांग कर रहा है। संदीपन साहा ने पार्टी से निकाले जाने पर कहा कि उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। उनका आरोप है कि TMC में नैतिकता की बात करना ही एंटी-पार्टी गतिविधि माना जाता है। हालांकि, उन्होंने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की संभावना को खारिज कर दिया।
इस राजनीतिक उथल-पुथल पर कांग्रेस नेता उदित राज ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब उनकी नीतियों का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि TMC का भविष्य खतरे में है और ममता को 'INDIA' गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने भाजपा और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधायकों को डराने-धमकाने और रिश्वत देकर पार्टी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे TMC को कमजोर करने की साजिश करार दिया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम बड़ा मोड़ ला सकता है। आने वाले दिनों में TMC के भीतर और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी के अंदर की यह खींचतान ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
TMC में बगावत के पीछे क्या कारण हैं?
TMC में बगावत का कारण पार्टी के निलंबित नेताओं का दावा है कि 50 से ज्यादा विधायक खुद को 'असली तृणमूल' बताने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या निलंबित नेताओं ने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की योजना बनाई है?
निलंबित नेता संदीपन साहा ने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की संभावना को खारिज कर दिया है।
ममता बनर्जी ने इस बगावत पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ममता बनर्जी ने भाजपा और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधायकों को डराने-धमकाने और रिश्वत देकर पार्टी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है।
इस राजनीतिक उथल-पुथल का क्या असर हो सकता है?
यह घटनाक्रम TMC के भीतर और भी बदलाव ला सकता है और ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने इस मामले पर क्या कहा है?
उदित राज ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब उनकी नीतियों का नतीजा है और TMC का भविष्य खतरे में है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।