मुजफ्फरनगर के जड़ौदा इंटर कॉलेज में ‘युवा जागृति मिशन’ कार्यशाला आयोजित
होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में आज विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनमें सकारात्मक जीवन मूल्यों का संचार करने के उद्देश्य से ‘युवा जागृति मिशन’ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में आज विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनमें सकारात्मक जीवन मूल्यों का संचार करने के उद्देश्य से ‘युवा जागृति मिशन’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को सफलता, अच्छे संस्कार, अनुशासन, समय प्रबंधन और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का महत्व समझाया गया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता इंजीनियर श्रीपाल तोमर, रोहिणी दिल्ली रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता श्रीपाल तोमर, विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया, राजकुमार मलिक, नितिन कुमार और योग शिक्षक सतकुमार जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्रीपाल तोमर ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए बुरी आदतों को छोड़ना और अच्छी आदतों को अपनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन वह समय होता है, जब अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और अनुशासन के जरिए एक सफल व्यक्तित्व तैयार किया जा सकता है।
श्रीपाल तोमर ने विद्यार्थियों को गलत संगति से बचने और अच्छे मित्रों का चुनाव करने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि युवा अवस्था में अपनाई गई आदतों का असर व्यक्ति के भविष्य पर पड़ता है। गलत संगति में पड़कर विद्यार्थी नशे जैसी बुरी आदतों के शिकार हो सकते हैं। इससे उनका भविष्य और जीवन दोनों प्रभावित होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें शुरुआत से ही अच्छे मित्रों के साथ रहना चाहिए। साथ ही, अपने माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अच्छे संस्कार और सही संगति विद्यार्थी के व्यक्तित्व और जीवन की दिशा को बेहतर बनाने में मदद करती है।
कार्यशाला में डिजिटल युग में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। श्रीपाल तोमर ने कहा कि विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में अनावश्यक समय बिताने के बजाय अपनी पढ़ाई, शारीरिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान हासिल करने और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करने की सलाह दी। उनके अनुसार, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपने समय और ध्यान का सही तरीके से उपयोग कर सकें।
मुख्य वक्ता ने समय प्रबंधन, नियमित दिनचर्या और लगातार अभ्यास का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि समय पर उठना, समय पर सोना और पढ़ाई के लिए निश्चित समय तय करना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि अगर वे नियमित रूप से पढ़ाई करें, अनुशासन का पालन करें और कठिन मेहनत को अपनी आदत बना लें, तो वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नियमित दिनचर्या बनाए रखने पर भी जोर दिया।
श्रीपाल तोमर ने विद्यार्थियों को जीवन में खुश रहने और सकारात्मक नजरिया अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, अनुशासन, कठिन मेहनत, अच्छे संस्कार और नियमित अभ्यास ही सफलता के मूल मंत्र हैं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बुरी आदतों, नशे और गलत संगति से दूर रहने के लिए जागरूक करना रहा। इसके साथ ही, उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन, समय प्रबंधन और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार की भावना विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया ने इस तरह की कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है। शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संस्कारवान और सफल नागरिक बनाना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अच्छे संस्कार, अनुशासन और सही आदतों की अहम भूमिका होती है। इसी वजह से ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अपने जीवन और भविष्य को लेकर सही दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में अच्छी आदतें अपनाने, बड़ों का सम्मान करने, समय का सही इस्तेमाल करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार कोशिश करते रहने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में सफलता के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और मेहनत को जरूरी बताया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
‘युवा जागृति मिशन’ कार्यशाला कहां आयोजित हुई?
यह कार्यशाला मुजफ्फरनगर के जड़ौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित हुई।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता कौन थे?
कार्यशाला के मुख्य वक्ता रोहिणी, दिल्ली के इंजीनियर श्रीपाल तोमर थे।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को किन बातों का महत्व बताया गया?
विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार, अनुशासन, समय प्रबंधन, सफलता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का महत्व बताया गया।
श्रीपाल तोमर ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर क्या सलाह दी?
उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और अनावश्यक समय बिताने के बजाय पढ़ाई, शारीरिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की सलाह दी।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।