पश्चिम बंगाल के 500 स्कूलों में डिजिटल लैब्स का निर्माण होगा
पश्चिम बंगाल के 500 सरकारी स्कूलों में बनेंगे डिजिटल कंटेंट क्रिएटर लैब्स पश्चिम बंगाल सरकार ने छात्रों को भविष्य की स्किल्स से लैस करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने छात्रों को भविष्य की स्किल्स से लैस करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अगले पांच साल में राज्य के 500 सरकारी स्कूलों में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत हर साल करीब एक लाख छात्रों को एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स, स्टोरीटेलिंग और इससे जुड़े दूसरे फील्ड्स में ट्रेनिंग दी जाएगी।
डिजिटल इकॉनमी के लिए छात्रों को तैयार करने की पहल
ये प्रोग्राम 9वीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए होगा। इसका मकसद डिजिटल क्रिएटिविटी, लिटरेसी और स्टोरीटेलिंग स्किल्स को बढ़ावा देना है। राज्य के शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के सेकेंडरी स्कूल इंस्पेक्टर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों के स्कूलों में मौजूदा आईसीटी और कंप्यूटर लैब की जानकारी, और वहां उपलब्ध मानव संसाधन का डेटा 22 जुलाई तक गूगल फॉर्म के जरिए जमा करें।
इन लैब्स में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स पर फोकस किया जाएगा। यह पहल केंद्र सरकार की डिजिटल इकॉनमी के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने की कोशिशों के साथ मेल खाती है। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देशभर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में ऐसे ही लैब्स बनाने की घोषणा की थी।
चुनौतियां भी कम नहीं
इस प्रोजेक्ट को लेकर उम्मीदें तो काफी हैं, लेकिन अधिकारियों ने चिंता जताई है कि डिजिटल कंटेंट क्रिएशन की स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग देने के लिए पर्याप्त ट्रेनिंग वाले टीचर्स मिलना मुश्किल हो सकता है। फिर भी, इस प्रोग्राम को डिजिटल मीडिया और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए छात्रों को तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
रोजगार के लिए बड़ा विजन
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद क्रिएटिव टेक्नोलॉजी सेक्टर में रोजगार के मौके बढ़ाना है। छात्रों को एडवांस स्किल्स के साथ तैयार कर यह प्रोजेक्ट शिक्षा और डिजिटल इकॉनमी की जरूरतों के बीच की खाई को पाटने की कोशिश करेगा।
यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और छात्रों को उभरते हुए इंडस्ट्रीज में सफल होने का रास्ता देने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। जैसे ही इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन पूरा होगा, इस प्रोजेक्ट की आगे की जानकारी दी जाएगी।
स्रोत: Indian Express
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