बंगाल में कमर्शियल जगहों पर वाटर मीटर लगाने की योजना शुरू
बंगाल में इंडस्ट्रीज के लिए वाटर मीटर लगाने की योजना कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर पानी के इस्तेमाल को कंट्रोल करने के लिए वाटर मीटर लगाने की संभावना पर विचार शुरू
कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर वाटर मीटर लगाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। राज्य के शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को कोलकाता में मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक इंटरएक्टिव सेशन के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, "कमर्शियल इस्तेमाल के लिए वाटर मीटर होना जरूरी है, भले ही इसे रेजिडेंशियल घरों में न लगाया जाए।"
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार वर्षा जल संग्रहण (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तैयार कर रही है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के साथ नबन्ना में बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रमुख योजना 'जल जीवन मिशन' को पूरे बंगाल में लागू करने की तैयारी हो रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार जल शक्ति मंत्रालय के साथ मिलकर 'नमामि गंगे प्रोग्राम' और 'जल शक्ति अभियान' जैसे प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेगी। इन योजनाओं का उद्देश्य जल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
सरकार के इस कदम को राज्य में जल संकट से निपटने और पानी के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर वाटर मीटर लगाने से पानी की बर्बादी को रोकने में मदद मिलेगी और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिम बंगाल सरकार कमर्शियल जगहों पर क्या नई योजना शुरू कर रही है?
पश्चिम बंगाल सरकार कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर वाटर मीटर लगाने की योजना शुरू कर रही है। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि कमर्शियल इस्तेमाल के लिए वाटर मीटर होना जरूरी है।
सरकार पानी के संरक्षण के लिए और क्या कदम उठा रही है?
सरकार वर्षा जल संग्रहण (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तैयार कर रही है। साथ ही, केंद्र सरकार की 'जल जीवन मिशन' योजना को पूरे बंगाल में लागू करने की तैयारी चल रही है।
'नमामि गंगे प्रोग्राम' और 'जल शक्ति अभियान' का क्या मकसद है?
ये प्रोजेक्ट्स राज्य सरकार जल शक्ति मंत्रालय के साथ मिलकर चला रही है। इनका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
वाटर मीटर लगाने से क्या फायदे होंगे?
विशेषज्ञों के अनुसार, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर वाटर मीटर लगाने से पानी की बर्बादी को रोकने में मदद मिलेगी और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
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