बंगाल सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू की
‘होम डिस्ट्रिक्ट पोस्टिंग नहीं, 3 साल बाद ट्रांसफर’: बंगाल सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू की बंगाल सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के लिए सख्त ट्रांसफर पॉलिसी
बंगाल सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के लिए सख्त ट्रांसफर पॉलिसी लागू की है। अब किसी भी पोस्ट पर 3 साल से ज्यादा काम नहीं किया जा सकेगा और कर्मचारियों को अपने होम डिस्ट्रिक्ट में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी, सिवाय कुछ खास परिस्थितियों के। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर सभी ब्रांच और डायरेक्टरेट्स को यह पॉलिसी तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है।
पॉलिसी के मुख्य प्रावधान
सर्कुलर में साफ कहा गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी पोस्ट पर 4 साल से ज्यादा नहीं रह सकता। 3 साल पूरे होते ही ट्रांसफर करना जरूरी होगा। खासकर रेवेन्यू या टैक्स कलेक्शन जैसे सेंसिटिव पोस्ट्स पर 2 साल बाद ट्रांसफर होगा और 3 साल की सीमा हर हाल में लागू होगी।
इसके अलावा, कर्मचारियों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। सिर्फ रिटायरमेंट से 2 साल पहले, और वो भी अगर एडमिनिस्ट्रेशन को सही लगे, तो यह छूट दी जा सकती है।
कामकाज में सुधार और पारदर्शिता लाने की कोशिश
यह पॉलिसी 13 जुलाई को पर्सनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक है। इसका मकसद प्रशासनिक ठहराव को खत्म करना, कामकाज में तेजी लाना और भाई-भतीजावाद व गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि लगातार ट्रांसफर से सिस्टम में जवाबदेही बढ़ेगी और काम की रफ्तार तेज होगी।
हेल्थ डिपार्टमेंट की सभी शाखाओं में लागू होगी पॉलिसी
यह निर्देश हेल्थ डिपार्टमेंट की सभी शाखाओं पर लागू होगा। इसमें डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DHS), डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME), आयुष, होम्योपैथी और ड्रग कंट्रोल शामिल हैं। अधिकारियों को इस पॉलिसी का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
खास परिस्थितियों में छूट का प्रावधान
हालांकि, पॉलिसी में सख्त नियम तय किए गए हैं, लेकिन प्रशासनिक जरूरत या मानवीय आधार पर छूट दी जा सकती है। लेकिन यह छूट केवल बेहद जरूरी मामलों में ही दी जाएगी और पूरी तरह से अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करेगी।
इसका महत्व
यह कदम पश्चिम बंगाल के हेल्थ सेक्टर में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। लंबे समय तक एक ही पोस्ट पर रहने और हितों के टकराव जैसी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि इससे पब्लिक का भरोसा बढ़ेगा और जरूरी सेवाओं का कामकाज बेहतर होगा।
स्रोत: Indian Express
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