विजिनजम पोर्ट बना भारत का नया एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट गेटवे
केरल का विजिनजम पोर्ट बनेगा भारत के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का नया गेटवे विजिनजम पोर्ट को मिला कस्टम्स का अप्रूवल केरल का विजिनजम इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट सीपोर्ट अब आधिकारिक तौर पर कस्टम्स पोर्ट के रूप
विजिनजम पोर्ट को मिला कस्टम्स का अप्रूवल
केरल का विजिनजम इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट सीपोर्ट अब आधिकारिक तौर पर कस्टम्स पोर्ट के रूप में नोटिफाई हो गया है। इससे पोर्ट पर एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट (EXIM) कार्गो ऑपरेशन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। यह पोर्ट जुलाई 2024 में लॉन्च होने के बाद से सिर्फ इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट हब के तौर पर काम कर रहा था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स ने यह नोटिफिकेशन जारी किया है। EXIM सेवाएं 18 अगस्त 2026 से शुरू होंगी।
भारत के व्यापार के लिए नया गेटवे
यह कदम विजिनजम को भारत के ग्लोबल ट्रेड का अहम गेटवे बना सकता है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और सप्लाई चेन की क्षमता बढ़ेगी। पोर्ट का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट हब में बदलना केरल के 100 दिनों के एक्शन प्लान का हिस्सा है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को फायदा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और संबंधित सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी।
ऑपरेशन के नियम और शर्तें
केरल सरकार और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) के पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित विजिनजम पोर्ट दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते कंटेनर पोर्ट्स में शामिल हो गया है। महज 18 महीनों में इसने 20 लाख TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स) कंटेनर ट्रैफिक संभाला है। हालांकि कस्टम्स नोटिफिकेशन में कुछ शर्तें हैं: पोर्ट पर सिर्फ पूरी तरह से लोडेड कंटेनर्स की डायरेक्ट मूवमेंट की अनुमति होगी। ढीला कार्गो या ऐसा शिपमेंट जिसे कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) में खोलने या जांचने की जरूरत हो, उसकी अनुमति नहीं है क्योंकि पोर्ट के लिए कोई CFS तय नहीं किया गया है।
इम्पोर्टेड कंटेनर्स को लैंडिंग के 48 घंटे के अंदर डायरेक्ट इम्पोर्टर के प्रिमाइसेज तक पहुंचाना होगा, जबकि एक्सपोर्ट सिर्फ पूरी तरह से तैयार लोडेड कंटेनर्स के रूप में स्वीकार किए जाएंगे। यह प्रक्रिया कार्गो हैंडलिंग को तेज और प्रभावी बनाने के लिए बनाई गई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार
पोर्ट की ऑपरेशनल तैयारी के लिए कंटेनर मूवमेंट के लिए रोड कनेक्टिविटी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, एक डेडिकेटेड रेल लिंक भी तैयार हो रहा है, जिसमें विजिनजम को बालारामपुरम रेलवे लाइन से जोड़ने वाला 10 किलोमीटर का रेल ट्रैक और 9 किलोमीटर लंबा टनल शामिल है। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्ट की बड़ी EXIM ऑपरेशन क्षमता को और मजबूत करेगा।
केरल की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विजिनजम पोर्ट पर EXIM सेवाओं की शुरुआत केरल की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है। यह पोर्ट राज्य को ग्लोबल ट्रेड नेटवर्क्स से और गहराई से जोड़ने में मदद करेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सहायक उद्योगों में ग्रोथ होगी। इसकी रणनीतिक लोकेशन और एडवांस्ड सुविधाएं इसे भारत के समुद्री व्यापार में एक अहम संपत्ति बनाती हैं।
18 अगस्त से EXIM सेवाओं की शुरुआत के साथ, विजिनजम पोर्ट ट्रांसशिपमेंट हब से भारत के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का अहम गेटवे बनने की तैयारी कर रहा है।
स्रोत: Indian Express
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