शामली में ओवरलोड डंपरों से ग्रामीण परेशान, बिना नंबर प्लेट दौड़ने का आरोप
जनपद शामली के झिंझाना क्षेत्र स्थित नाई नंगला खनन पॉइंट से निकलने वाले ओवरलोड डंपरों की सड़कों पर लगातार आवाजाही से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
जनपद शामली के झिंझाना क्षेत्र स्थित नाई नंगला खनन पॉइंट से निकलने वाले ओवरलोड डंपरों की सड़कों पर लगातार आवाजाही से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन पॉइंट से निकलने वाले कुछ डंपर बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस वजह से सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन चालकों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड डंपरों की आवाजाही की जानकारी होने के बावजूद परिवहन विभाग और खनन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। उनका आरोप है कि खनन पॉइंट से निकलने वाले डंपर दिनभर सड़कों पर चलते रहते हैं। इन वाहनों में रेत भरकर ले जाया जाता है।
बताया जाता है कि कई डंपर निर्धारित क्षमता से अधिक खनन सामग्री लेकर सड़क पर चलते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, ओवरलोड होने के कारण इन वाहनों से सड़क पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क पर पहले से चल रहे अन्य वाहनों के बीच भारी डंपरों की आवाजाही से लोगों को परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी होती। ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीण परिवहन विभाग और खनन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
कुछ दिन पहले उदपुर गांव के ग्रामीणों ने ओवरलोड डंपरों की आवाजाही के विरोध में उन्हें रोककर धरना-प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने कहा था कि खनन के डंपरों के कारण उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान भारी वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क पर चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को भी डंपरों की आवाजाही से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विरोध-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध-प्रदर्शन और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनके मुताबिक, खनन के डंपरों की आवाजाही अब भी लगातार जारी है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि सड़क पर चल रहे वाहनों की जांच किस तरह की जा रही है और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
नाई नंगला खनन पॉइंट से निकलने वाले वाहनों को लेकर अब आरटीओ, परिवहन विभाग और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यदि सड़कों पर बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहन संचालित हो रहे हैं तो उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर वाहनों की जांच कराएंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल ग्रामीणों को ओवरलोड डंपरों की लगातार आवाजाही से राहत मिलने का इंतजार है। अब देखना यह है कि परिवहन विभाग तथा खनन विभाग ग्रामीणों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में कब तक कार्रवाई करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रामीणों को किस बात से परेशानी है?
झिंझाना क्षेत्र के नाई नंगला खनन पॉइंट से निकलने वाले ओवरलोड डंपरों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण परेशान हैं।
डंपरों को लेकर ग्रामीणों ने क्या आरोप लगाया है?
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ डंपर बिना नंबर प्लेट के चल रहे हैं और कई वाहन तय क्षमता से ज्यादा खनन सामग्री ले जा रहे हैं।
ओवरलोड डंपरों से किस तरह का खतरा बताया गया है?
ग्रामीणों के मुताबिक, भारी डंपरों से सड़क हादसे का खतरा बना रहता है और स्कूली बच्चों, ग्रामीणों व दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने वाहनों की जांच कराने, नियम तोड़ने वाले डंपरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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