शामली में ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत, दो युवकों की मौत
शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र में बिडोली-चौसाना मार्ग पर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम है।
शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र में बिडोली-चौसाना मार्ग पर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम है। परिजनों में गम के साथ-साथ आक्रोश भी है। उन्होंने बिडोली-चौसाना मार्ग के चौड़ीकरण की मांग उठाई है।
परिजनों का कहना है कि यह मार्ग लगातार हादसों का सबब बन रहा है। सड़क पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में अनेक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
परिजनों के मुताबिक, लोकेश और समद घर से दही लेने के लिए निकले थे। उन्हें क्या पता था कि घर से निकले दोनों युवक फिर कभी वापस नहीं लौटेंगे। कुछ ही समय बाद सड़क हादसे में दोनों की मौत की खबर परिवारों तक पहुंची। इसके बाद घरों में मातम पसर गया।
जिस घर में कुछ देर पहले तक सामान्य दिनचर्या चल रही थी, वहां अब अपनों को खोने का गम छाया हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दो युवकों की मौत ने परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। हादसे के बाद गांव और आसपास के लोगों में भी मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
परिजनों का कहना है कि बिडोली-चौसाना मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क की पर्याप्त चौड़ाई नहीं है। इसी वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं और कई परिवार अपने लोगों को खो चुके हैं।
परिजनों ने कहा कि अगर सड़क का चौड़ीकरण कराया जाए और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं, तो हादसों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। उनका कहना है, “सड़क चौड़ी होती तो बच सकती थीं कई जिंदगियां।”
उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से बिडोली-चौसाना मार्ग का चौड़ीकरण कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सड़क की स्थिति में सुधार करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग रखी है।
परिजनों का कहना है कि सड़क को सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े। उनके मुताबिक, मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से लगातार हो रहे हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है।
लोकेश और समद की मौत ने एक बार फिर बिडोली-चौसाना मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद उठ रही चौड़ीकरण की मांग पर अब संबंधित विभाग और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। परिजनों ने उम्मीद जताई है कि मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शामली में हादसा कहां और कैसे हुआ?
शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में बिडोली-चौसाना मार्ग पर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत हो गई।
हादसे में किनकी मौत हुई?
हादसे में लोकेश और समद नाम के दो युवकों की मौत हुई।
लोकेश और समद घर से क्यों निकले थे?
परिजनों के मुताबिक, दोनों युवक घर से दही लेने के लिए निकले थे।
परिजनों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
परिजनों ने बिडोली-चौसाना मार्ग का चौड़ीकरण, सड़क की स्थिति में सुधार और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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