शामली में बेमौसम बारिश से सरसों की अंतिम बुआई रुकी, किसान परेशान
शामली में अचानक बदले मौसम और हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर रबी सीजन की महत्वपूर्ण तिलहन फसल सरसों की अंतिम चरण की बुआई पर पड़ा है।
शामली में अचानक बदले मौसम और हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर रबी सीजन की महत्वपूर्ण तिलहन फसल सरसों की अंतिम चरण की बुआई पर पड़ा है। खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी होने के कारण किसानों को बुआई का काम बीच में ही रोकना पड़ा। इससे किसानों में मायूसी है।
इस समय सरसों की बुआई का अंतिम दौर चल रहा था। बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ गई है। ऐसे में किसान बचे हुए खेतों में सरसों की बुआई आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। उन्हें अब खेतों के सूखने और धूप खिलने का इंतजार करना पड़ रहा है, ताकि रुका हुआ बुआई का काम पूरा किया जा सके।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सरसों की बुआई का मुख्य समय सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होता है। यह समय अक्टूबर के पूरे महीने तक रहता है और नवंबर के पहले सप्ताह तक सरसों की बुआई पूरी की जाती है।
सरसों की अगेती बुआई सितंबर के आखिरी हफ्तों में हो जाती है। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर की शुरुआत तक अंतिम चरण की बुआई पूरी की जाती है। शामली में बारिश ऐसे समय हुई है, जब किसान सरसों की बुआई के इसी अंतिम दौर में जुटे थे।
किसानों का बुआई का काम खेतों में अधिक नमी के कारण रुक गया है। अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और धूप नहीं खिली, तो तय समय सीमा में सरसों की बुआई पूरी नहीं हो पाएगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सरसों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल किसानों की नजर खेतों के सूखने और मौसम साफ होने पर टिकी है, ताकि वे अंतिम चरण की बुआई का बचा हुआ काम पूरा कर सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शामली में बारिश से किसानों की कौन सी फसल प्रभावित हुई है?
बेमौसम बारिश से रबी सीजन की सरसों की अंतिम चरण की बुआई प्रभावित हुई है।
सरसों की बुआई क्यों रुक गई है?
बारिश के बाद खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी हो गई है, इसलिए किसान बुआई आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
किसान अब किसका इंतजार कर रहे हैं?
किसान खेतों के सूखने और धूप खिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि बची हुई बुआई पूरी कर सकें।
सरसों की बुआई का मुख्य समय कब होता है?
उत्तर भारत में सरसों की बुआई सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अक्टूबर तक चलती है और नवंबर के पहले सप्ताह तक पूरी की जाती है।
मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो क्या असर पड़ सकता है?
बुआई तय समय में पूरी नहीं हो पाएगी और सरसों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।
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