उज्जैन प्रशासन ने खड़े हनुमान मंदिर विस्थापन से जुड़ी अफवाहों को किया खारिज
उज्जैन जिला प्रशासन ने खड़े हनुमान मंदिर के विस्थापन को लेकर उठे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को हटाने के लिए अब तक कोई कोशिश नहीं की गई है और श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा
उज्जैन जिला प्रशासन ने खड़े हनुमान मंदिर के विस्थापन को लेकर उठे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को हटाने के लिए अब तक कोई कोशिश नहीं की गई है और श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान करते हुए ही कोई फैसला लिया जाएगा।
प्रशासन ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य भी जरूरी हैं और उज्जैन की धार्मिक आस्था भी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विशेषज्ञों, संत समाज और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ समाधान निकाला जाएगा।
प्रशासन ने यह भी कहा कि यह श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़ा मामला है। साथ ही प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी है।
जिला प्रशासन ने साफ किया कि खड़े हनुमान जी की प्रतिमा से जुड़ा मामला उज्जैनवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। प्रशासन के लिए श्रद्धालुओं की भावना, प्रतिमा की सुरक्षा तथा उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत सबसे ऊपर है।
खड़े हनुमान जी से जुड़े मामले में प्रशासन सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों की भावनाओं और आस्था का पूरा सम्मान करता है। सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखे बिना कोई भी फैसला या कदम नहीं उठाया जाएगा।
प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह गलत खबर फैलाई जा रही है कि प्रशासन ने श्री खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को विस्थापित करने की कई कोशिश की हैं। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने से जुड़ी कोई भी कोशिश किसी भी मशीन या मानवीय तरीकों से नहीं की गई है।
इस संबंध में यह फैसला लिया गया है कि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक और तकनीकी राय लिए बिना प्रतिमा के विस्थापन के लिए कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों के जरिए प्रतिमा की संरचना का परीक्षण किया जाएगा।
प्रशासन ने दोहराया कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य अहम हैं, साथ ही उज्जैन की आस्था और विरासत का संरक्षण भी उतना ही अहम है। प्रशासन श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों के साथ बातचीत करके सबको मंजूर समाधान निकालेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या उज्जैन प्रशासन ने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की है?
नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने से जुड़ी कोई भी कोशिश नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ये खबरें गलत हैं।
सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य और खड़े हनुमान प्रतिमा के बीच क्या संबंध है?
प्रशासन ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उज्जैन की धार्मिक आस्था और विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दोनों को साथ-साथ देखा जाएगा।
प्रतिमा के विस्थापन का कोई फैसला लेने से पहले प्रशासन क्या करेगा?
प्रशासन विशेषज्ञों, संत समाज और श्रद्धालुओं के साथ बातचीत करेगा। प्रतिमा की संरचना का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा और विशेषज्ञों की राय लिए बिना कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रशासन के लिए इस मामले में सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या है?
श्रद्धालुओं की भावना, प्रतिमा की सुरक्षा और उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत प्रशासन के लिए सबसे ऊपर है। किसी भी फैसले में सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।
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