दो स्कूली छात्रों पर प्रिंसिपल की हत्या का आरोप, 27 बार चाकू मारा
नलगोंडा में प्रिंसिपल को 27 बार चाकू मारने के मामले में दो स्कूली छात्र गिरफ्तार नलगोंडा के एक स्कूल के दो छात्रों पर अपनी प्रिंसिपल की हत्या का आरोप है।
नलगोंडा में प्रिंसिपल को 27 बार चाकू मारने के मामले में दो स्कूली छात्र गिरफ्तार
नलगोंडा के एक स्कूल के दो छात्रों पर अपनी प्रिंसिपल की हत्या का आरोप है। यह केस फोरेंसिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज और फोन कॉल के दौरान सुने गए एक शब्द की मदद से सुलझाया गया।
नलगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली में नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट स्कूल की प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी 11 अगस्त की शाम को स्कूल से घर लौटने के बाद अपने घर में मृत पाई गई थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उन्हें 27 बार चाकू मारा गया था।
एक शब्द से कैसे खुला केस
सुराग मिला रूपा रेड्डी की अपनी छोटी बहन के साथ आखिरी फोन बातचीत से। फोन कटने से ठीक पहले उन्हें "बाबू" कहते सुना गया था — यह शब्द वो अपने स्टूडेंट्स को पुकारने के लिए इस्तेमाल करती थीं। इस सुराग से जांचकर्ताओं का ध्यान स्कूल के छात्रों पर गया।
नलगोंडा एसपी शरत चंद्र पवार ने पांच स्पेशल टीम बनाईं और इलाके के करीब 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। जब चार दिन के शोक के बाद स्कूल खुला, तो 13 स्टूडेंट्स गायब थे, जिनमें पांच 10वीं कक्षा के थे।
आरोपी और उनकी खर्चे की होड़
जांचकर्ताओं ने देखा कि 10वीं कक्षा के दो छात्र हत्या के बाद खूब पैसे खर्च कर रहे थे और पार्टियां दे रहे थे। पूछताछ में पुलिस ने एक नाबालिग से 1.54 लाख रुपये कैश और 60,000 रुपये का आईफोन बरामद किया। छात्र ने पहले दावा किया कि उसके मां-बाप ने उसे पैसे दिए थे।
आरोपी से बरामद तीन नोटों पर फोरेंसिक टेस्ट में इंसानी खून के धब्बे मिले। लैब एनालिसिस से कन्फर्म हुआ कि खून मृतका का था।
गुस्सा और योजना
जांच में पता चला कि एक आरोपी स्कूल के हॉस्टल में रहता था, लेकिन हत्या से करीब 15-20 दिन पहले रूपा रेड्डी ने उसके बैग में मोबाइल फोन और कैश पाया, जिसके बाद उसे निकाल दिया गया और उसे डे स्कॉलर बना दिया गया। पुलिस का मानना है कि इस सजा से उसके मन में गुस्सा पैदा हुआ होगा।
एसपी पवार ने बताया कि दोनों छात्र ड्रग्स के आदी थे और उन्हें पैसों की जरूरत थी। उन्होंने कथित तौर पर हमले से पहले चार-पांच दिन रेकी की, चाकू, दस्ताने और मास्क खरीदकर तैयारी की। उन्हें पता था कि 11 अगस्त को स्कूल फीस जमा करने की आखिरी तारीख है और प्रिंसिपल के घर में काफी कैश होगा।
पुलिस ने यह भी पता लगाया कि आरोपियों ने यूट्यूब पर जल्दी पैसा कमाने के तरीके सर्च किए थे।
हमला
11 अगस्त को जब रूपा रेड्डी के पति राजेंद्र रेड्डी काम से हैदराबाद गए हुए थे, तब दोनों छात्रों ने कथित तौर पर कंपाउंड वॉल लांघी। एक पीछे के दरवाजे से घर में घुसा जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। जब रूपा रेड्डी ने घुसपैठिए को पैसे चुराते देखा और चीखीं, तो उसने चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान हमलावर का मास्क गिर गया, जिससे रूपा रेड्डी ने उसे पहचान लिया — यह पहचान उनकी किस्मत का फैसला बन गई।
आरोपी करीब 2.5 लाख रुपये कैश और दो मोबाइल फोन लेकर भाग गए, जिनमें रूपा रेड्डी का फोन भी था जो हमले के दौरान गिर गया था। एक आरोपी ने बाद में सबूत मिटाने के लिए अपने खून से सने कपड़े नाली में फेंक दिए।
कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपी नाबालिग हैं और उन्हें क्रिमिनल कोर्ट की जगह जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस ने उनकी उम्र की वजह से उनकी पहचान जाहिर नहीं की है। जांच जारी है और अधिकारी पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बाकी फोरेंसिक रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
यह केस बताता है कि कैसे डिजिटल निगरानी, फोरेंसिक साइंस और एक सुना गया शब्द मिलकर एक बेरहम हत्या को सुलझाने में कामयाब रहे, जबकि शुरुआत में जांचकर्ताओं के पास बहुत कम सुराग थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नलगोंडा में प्रिंसिपल की हत्या के मामले में कौन गिरफ्तार हुए हैं?
नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट स्कूल के दो छात्र गिरफ्तार हुए हैं। दोनों नाबालिग हैं और उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा।
प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की पहचान कैसे हुई?
रूपा रेड्डी ने अपनी बहन से फोन पर बात करते समय 'बाबू' शब्द कहते सुना गया था। यह वही शब्द था जो वह अपने स्टूडेंट्स को बुलाने के लिए इस्तेमाल करती थीं। इसी सुराग से जांचकर्ताओं का ध्यान स्कूल के छात्रों पर गया।
आरोपी छात्रों के गुस्से का कारण क्या था?
एक आरोपी स्कूल के हॉस्टल में रहता था, लेकिन हत्या से 15-20 दिन पहले प्रिंसिपल ने उसके बैग में मोबाइल फोन और कैश पाया। उसे स्कूल से निकाल दिया गया और डे स्कॉलर बना दिया गया। पुलिस का मानना है कि इसी सजा से उसके मन में गुस्सा पैदा हुआ।
हत्या की तैयारी कितने दिन पहले से चल रही थी?
दोनों छात्रों ने कथित तौर पर हमले से 4-5 दिन पहले से रेकी शुरू कर दी थी। उन्होंने चाकू, दस्ताने और मास्क खरीदकर तैयारी की थी। उन्हें पता था कि 11 अगस्त को स्कूल फीस की आखिरी तारीख है और प्रिंसिपल के घर में काफी कैश होगा।
हत्या के बाद आरोपियों ने कितने पैसे चुराए?
आरोपी करीब 2.5 लाख रुपये कैश और दो मोबाइल फोन लेकर भाग गए, जिनमें रूपा रेड्डी का फोन भी था। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी से 1.54 लाख रुपये कैश और 60,000 रुपये का iPhone बरामद किया।
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