ट्रंप का गाज़ा रीकंस्ट्रक्शन प्लान अब सिर्फ पायलट कैंप तक सीमित
ट्रंप गाज़ा को फिर से बनाना चाहते थे, अब प्लान सिर्फ एक पायलट कैंप तक सिमटा: रिपोर्ट बॉडी: ट्रंप का गाज़ा रीकंस्ट्रक्शन प्लान देरी और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सिमटकर एक पायलट प्रोजेक्ट तक पहुंच गया
बॉडी:
ट्रंप का गाज़ा रीकंस्ट्रक्शन प्लान देरी और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सिमटकर एक पायलट प्रोजेक्ट तक पहुंच गया है। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस (BoP) द्वारा शुरू किया गया ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब दक्षिणी गाज़ा के रफ़ा इलाके में सिर्फ एक पायलट कैंप तक सीमित रह गया है।
सीमित दायरा और देरी
नए प्लान के तहत गाज़ा के विस्थापित लोगों के एक छोटे हिस्से के लिए एक अस्थायी कैंप बनाने की योजना है। इसमें फिलिस्तीनी प्रशासन, लोकल पुलिस और एक छोटा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल भी शामिल होगा। लेकिन ये प्रोजेक्ट इस साल के अंत से पहले शुरू होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि अभी तक तैयारी का काम भी शुरू नहीं हुआ है। 27 अक्टूबर को इजरायल में होने वाले चुनावों ने इस प्रोजेक्ट को और भी धीमा कर दिया है।
हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में थोड़ा काम हुआ है। मोरक्को और कोसोवो के अधिकारियों ने इजरायल पहुंचकर इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) बनाने की प्रक्रिया शुरू की है, जो पायलट कैंप की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी। इसके अलावा, केरम शालोम क्रॉसिंग के पास एक लॉजिस्टिक्स बेस लगभग तैयार है, जहां ISF के वाहनों, उपकरणों और अन्य सामग्री को रखा जाएगा।
इजरायली पाबंदियां और राजनीतिक तनाव
गाज़ा को फिर से बनाने के प्रयासों में इजरायल की पाबंदियां बड़ी बाधा बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल सरकार ने अक्टूबर 2025 में ट्रंप द्वारा कराए गए सीज़फायर का कई बार उल्लंघन किया है। इससे निर्माण कार्य रुक गया है और युद्ध से प्रभावित इस इलाके में मानवीय मदद भी सीमित हो गई है।
यरूशलम में पश्चिमी देशों के राजनयिकों का मानना है कि गाज़ा में प्रगति इजरायल में नई सरकार बनने पर निर्भर करती है। एक राजनयिक ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट पर थोड़ी भी प्रगति जरूरी है ताकि इजरायल की राजनीति में मौजूद चरमपंथी गुट गाज़ा के लिए जनसंख्या स्थानांतरण और उपनिवेश जैसे कट्टरपंथी प्लान को आगे न बढ़ा सकें।
संघर्ष फिर से शुरू होने का डर
इस बात की आशंका बढ़ रही है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जो चुनावी हार का सामना कर सकते हैं, गाज़ा में सैन्य कार्रवाई करके अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं। एक नए हमले की अटकलों ने पहले से ही नाजुक पुनर्निर्माण प्रयासों को और अनिश्चित बना दिया है।
क्यों है यह अहम?
ट्रंप के गाज़ा पुनर्निर्माण प्लान का सिमटना इस क्षेत्र में गहराई से मौजूद राजनीतिक मतभेदों और बार-बार होने वाली हिंसा की जटिलताओं को दर्शाता है। हालांकि पायलट प्रोजेक्ट उम्मीद की एक किरण पेश करता है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि क्या लॉजिस्टिक देरी को दूर किया जा सकता है, इजरायल की पाबंदियां कम होंगी और इस अस्थिर राजनीतिक माहौल को संभाला जा सकेगा। फिलहाल, गाज़ा के पुनर्निर्माण का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
स्रोत: Indian Express
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