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महाराष्ट्र में Toyota-WOTR का 6,167 हेक्टेयर वाटरशेड प्रोजेक्ट

Toyota Kirloskar Motor और WOTR ने भारत के महाराष्ट्र में नौ गांवों के लिए पानी बचाने वाला Toyota Vasundhara प्रोजेक्ट शुरू करने को MoU किया है।

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छत्रपति संभाजीनगर में Toyota Vasundhara प्रोजेक्ट से जुड़ी बैठक। · Photo: Toyota Kirloskar Motor (press release)

Toyota Kirloskar Motor (TKM) और Watershed Organisation Trust (WOTR) ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में “Toyota Vasundhara” प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए MoU साइन किया है। इसका मकसद गांवों में पानी की कमी से निपटना, खेती के लिए पानी बढ़ाना और किसानों की कमाई को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

यह प्रोजेक्ट पैठण और छत्रपति संभाजीनगर तालुका के नौ गांवों में चलेगा। दोनों संस्थाओं के मुताबिक 6,167 हेक्टेयर इलाके में काम होगा और 2,398 परिवारों के करीब 11,268 लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट एरिया के 20% हिस्से तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मराठवाड़ा में क्यों शुरू किया गया प्रोजेक्ट?

प्रेस रिलीज के मुताबिक पैठण और छत्रपति संभाजीनगर ब्लॉक में औसतन 610 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि बताई गई जरूरत 748 मिलीमीटर है। बारिश कम और अनियमित होने से गांवों में खेती और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पानी की दिक्कत बनी रहती है।

प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी में दावा किया गया है कि इलाके के 78% किसानों को भरोसेमंद तरीके से पानी नहीं मिल पाता, जबकि 93% किसानों की कमाई पर मौसम बदलने का बड़ा असर पड़ता है। ये आंकड़े प्रोजेक्ट से जुड़ी संस्थाओं ने दिए हैं और NewsDarpan ने इनका अलग से ऑडिट नहीं किया है।

पानी की कमी की वजह से कई किसान एक ही फसल पर निर्भर रहते हैं। कमजोर बारिश होने पर पैदावार और परिवार की कमाई—दोनों पर असर पड़ता है। इसलिए इस प्रोजेक्ट में सिर्फ पानी जमा करने के ढांचे नहीं, बल्कि मिट्टी की हालत सुधारने, खेती में मदद और जरूरत के मुताबिक रोजगार से जुड़े कदम भी शामिल किए जाएंगे।

Toyota Vasundhara में क्या काम होंगे?

योजना के तहत मिट्टी और पानी बचाने के उपाय, स्थानीय जल स्रोतों का विकास, गांवों से जुड़े काम और जरूरत के हिसाब से आजीविका सहायता दी जाएगी। संस्थाओं का कहना है कि इससे खेतों और घरों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है, मिट्टी की सेहत बेहतर हो सकती है और किसान एक से ज्यादा फसल लेने की तरफ बढ़ सकते हैं।

स्थानीय लोगों को योजना बनाने, काम लागू करने और पानी से जुड़े ढांचों की लंबे समय तक देखभाल में शामिल किया जाएगा। यह भागीदारी जरूरी है, क्योंकि किसी भी वाटरशेड प्रोजेक्ट का फायदा तभी बना रहता है जब गांव के लोग उसकी नियमित देखरेख करें और काम स्थानीय जमीन व बारिश के हिसाब से हो।

जिला प्रशासन ने क्या कहा?

MoU साइन करने का कार्यक्रम छत्रपति संभाजीनगर के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट विनय गौड़ा जी.सी. की मौजूदगी में हुआ। इसमें Toyota Kirloskar Motor और WOTR के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

विनय गौड़ा ने कहा कि खेती को लंबे समय तक मजबूत रखने और गांवों की तरक्की के लिए वाटरशेड मैनेजमेंट जरूरी है। उनके मुताबिक यह पहल महाराष्ट्र सरकार के जलयुक्त शिवार अभियान को भी आगे बढ़ा सकती है और किसानों को पानी व मौसम से जुड़े जोखिमों से निपटने में मदद कर सकती है।

Toyota Kirloskar Motor में कॉरपोरेट अफेयर्स के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि प्रोजेक्ट पानी, खेती और गांवों की आजीविका से जुड़ी समस्याओं को एक साथ हल करने की सोच पर आधारित है। कंपनी के मुताबिक वह WOTR के साथ उत्तर कर्नाटक में भी ऐसे पानी बचाने वाले प्रोजेक्ट चला चुकी है।

आगे क्या होगा?

MoU में साझेदारी और बड़े लक्ष्य बताए गए हैं, लेकिन प्रेस रिलीज में गांव के हिसाब से काम का कैलेंडर, कुल बजट और प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख नहीं दी गई है। असली नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीन पर कौन-से ढांचे बनते हैं, गांव के लोग कितनी भागीदारी करते हैं और सिंचाई व किसानों की कमाई के लक्ष्य कितने पूरे होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Toyota-WOTR का प्रोजेक्ट कहाँ शुरू हुआ है?

यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में शुरू हुआ है।

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में पानी की कमी से निपटना, खेती के लिए पानी बढ़ाना और किसानों की कमाई को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

इस प्रोजेक्ट से कितने लोगों को फायदा होगा?

इस प्रोजेक्ट से 2,398 परिवारों के करीब 11,268 लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट में क्या-क्या काम किए जाएंगे?

प्रोजेक्ट में मिट्टी और पानी बचाने के उपाय, स्थानीय जल स्रोतों का विकास और आजीविका सहायता दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के बारे में क्या कहा?

जिला कलेक्टर विनय गौड़ा ने कहा कि यह पहल खेती को मजबूत रखने और गांवों की तरक्की के लिए जरूरी है।

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