टीएमसी में बगावत: ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में चीफ व्हिप नियुक्त किया
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप नियुक्त किया। 20 सांसदों ने बगावत कर काकोली घोष को अपना चीफ व्हिप चुना।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रही बगावत के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में टीएमसी का नया चीफ व्हिप नियुक्त किया है। ममता ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर इस नियुक्ति को रिकॉर्ड में दर्ज करने का अनुरोध किया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर एनडीए सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इन बागी सांसदों ने काकोली घोष दस्तिदार को अपना चीफ व्हिप चुना और अलग संसदीय ब्लॉके लिए सीट की मांग की है।
टीएमसी के लिए यह संकट गहराता जा रहा है। पार्टी के पास लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। लेकिन हाल ही में पार्टी में टूट की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायकों ने भी पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बना लिया था, जिसका नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। काकोली घोष ने दावा किया है कि वह अभी भी लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हिप हैं, हालांकि उन्होंने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी थी लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया।
इस बगावत का सीधा फायदा एनडीए को होता दिख रहा है। अगर टीएमसी के 20 बागी सांसद एनडीए का समर्थन करते हैं, तो लोकसभा में एनडीए की ताकत 293 से बढ़कर 313 हो जाएगी। इससे केंद्र सरकार को किसी भी बिल को पास कराने में और आसानी होगी।
टीएमसी के इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी बगावत देखने को मिली है। पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह घटनाक्रम न सिर्फ पार्टी की एकता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
टीएमसी में किसे नया चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है?
कल्याण बनर्जी को टीएमसी का नया चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है।
टीएमसी के कितने सांसदों ने पार्टी के खिलाफ बगावत की है?
टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी के खिलाफ बगावत की है।
बगावत के चलते टीएमसी को क्या नुकसान हो सकता है?
अगर बागी सांसद एनडीए का समर्थन करते हैं, तो एनडीए की ताकत बढ़ जाएगी और केंद्र सरकार के लिए बिल पास करना आसान हो जाएगा।
काकोली घोष दस्तिदार का क्या दावा है?
काकोली घोष ने दावा किया है कि वह अभी भी लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हिप हैं।
टीएमसी के लिए यह बगावत क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बगावत टीएमसी की एकता पर सवाल खड़े करती है और ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।