तेलंगाना के डिप्टी सीएम ने बिजली मांग को पूरा करने की तैयारी शुरू की
डिप्टी सीएम ने बढ़ती बिजली मांग और एल नीनो के असर से निपटने की तैयारी पर जोर दिया हैदराबाद: तेलंगाना के डिप्टी मुख्यमंत्री एम.
डिप्टी सीएम ने बढ़ती बिजली मांग और एल नीनो के असर से निपटने की तैयारी पर जोर दिया
हैदराबाद: तेलंगाना के डिप्टी मुख्यमंत्री एम. भट्टी विक्रमार्क ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सूखे जैसे हालात और एल नीनो के असर से बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए तैयार रहें। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को बिना रुकावट और अच्छी क्वालिटी की बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने हालात से निपटने के लिए मजबूत एक्शन प्लान तैयार करने की बात कही।
तैयारी और टेक्नोलॉजी पर फोकस
बैठक में स्पेशल चीफ सेक्रेटरी (एनर्जी) नवीन मित्तल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (फाइनेंस) संदीप कुमार सुल्तानिया और सिंगरेनी कोलियरीज व एसपीडीसीएल जैसे प्रमुख बिजली संस्थानों के प्रमुख शामिल हुए। डिप्टी सीएम ने पूरे राज्य में "पावर एंबुलेंस" सेवा को 108 इमरजेंसी सिस्टम की तर्ज पर बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि बिजली से जुड़ी समस्याओं को जल्दी हल किया जा सके।
उन्होंने बिजली प्रबंधन को आधुनिक बनाने के प्रयासों की तारीफ की, जिसमें 21 सर्कल में 168 गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग लगाना और एर्रागड्डा में कमांड कंट्रोल सेंटर का इस्तेमाल शामिल है। एसपीडीसीएल के सीएमडी ने प्रेजेंटेशन में बताया कि एडवांस फीडर-डीटीआर-कंज्यूमर मैपिंग से बिजली जल्दी बहाल करने, शिकायतों को जल्दी सुलझाने और एनर्जी ऑडिट को सटीक बनाने में मदद मिल रही है।
एआई और कोल ब्लॉक विस्तार पर जोर
श्री विक्रमार्क ने बिजली वितरण सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य एडवांस टेक्नोलॉजी को शामिल करने की बात कही, ताकि पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता बेहतर हो सके। इसके अलावा, उन्होंने सिंगरेनी कोलियरीज को नए कोल ब्लॉक हासिल करने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने खासतौर पर हाल ही में आवंटित तडिचेरला-2 कोल ब्लॉक के लिए क्लियरेंस लेकर उत्पादन शुरू करने की बात कही।
क्यों है ये जरूरी
एल नीनो वेदर पैटर्न, जो सूखा और अनिश्चित जलवायु की वजह बनता है, तेलंगाना जैसे राज्यों में बिजली सप्लाई के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है। यहां पहले से ही बिजली की मांग काफी ज्यादा है। डिप्टी सीएम के निर्देशों का मकसद संभावित बाधाओं को कम करना और भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना है, जो घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं दोनों के लिए बेहद जरूरी है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और कोल उत्पादन बढ़ाकर राज्य इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रहा है।
स्रोत: The Hindu
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