तमिलनाडु में निवेश बढ़ाने के लिए बनेगा इन्वेस्टर प्रमोशन कमीशन
तमिलनाडु के गवर्नर का संबोधन: कंपनियों को मंजूरी में तेजी लाने के लिए इन्वेस्टर प्रमोशन कमीशन बनेगा चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य में बड़े निवेशों को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करने के लिए
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य में बड़े निवेशों को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करने के लिए तमिलनाडु इन्वेस्टर प्रमोशन कमीशन बनाने का ऐलान किया है। गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार, 18 जून 2026 को विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान इस पहल की जानकारी दी। यह कमीशन, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे, उन कंपनियों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज करेगा जो ₹200 करोड़ से ज्यादा का निवेश करेंगी या कम से कम 5,000 लोगों को रोजगार देंगी।
गवर्नर ने राज्य के औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विजन को दोहराया। उन्होंने कहा कि 2036 तक तमिलनाडु को $1.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, ताकि विकास और रोजगार बढ़े।
सरकार ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) शुरू करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए सिंगल-विंडो सिस्टम लाया जाएगा, जिससे जल्दी मंजूरी मिल सके। इन कदमों से राज्य में औद्योगिक विस्तार तेज होगा और रोजगार के बड़े मौके पैदा होंगे।
इसके अलावा, आर्थिक स्थिरता और औद्योगिक विकास को बनाए रखने के लिए एक नई औद्योगिक नीति लाई जाएगी। यह नीति पुराने ढांचे के साथ तालमेल बिठाते हुए मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखेगी। इसमें घरेलू और विदेशी कंपनियों को तमिलनाडु में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खास इंसेंटिव स्कीम भी शामिल होंगी।
बिजनेस के लिए माहौल को और बेहतर बनाने के लिए राज्य का सिंगल-विंडो सिस्टम पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्में बदला जाएगा। यह सभी सेक्टर्स पर लागू होगा और मंजूरी जल्दी देने के साथ-साथ प्रशासनिक देरी को खत्म करेगा। इससे तमिलनाडु में कारोबार करना और आसान हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिलनाडु में इन्वेस्टर प्रमोशन कमीशन बनाने का मतलब क्या है?
यह कमीशन बड़े निवेशकों को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करेगा। जो कंपनियां ₹200 करोड़ से ज्यादा निवेश करें या 5,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार दें, उनको जल्दी मंजूरी मिल सकेगी। इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
तमिलनाडु 2036 तक क्या लक्ष्य रखा है?
राज्य को 2036 तक $1.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए औद्योगिक विकास को तेज किया जा रहा है।
MSME शुरू करने के लिए सरकार क्या सुविधा दे रही है?
सरकार सिंगल-विंडो सिस्टम लाने वाली है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यम जल्दी मंजूरी पा सकेंगे। यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा।
नई औद्योगिक नीति में क्या-क्या होगा?
नई नीति में घरेलू और विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खास इंसेंटिव स्कीम शामिल होंगे। यह आर्थिक स्थिरता और औद्योगिक विकास को बनाए रखने के लिए बनाई जा रही है।
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