तमिलनाडु ने आदिद्रविड़ों के लिए ₹300 करोड़ की योजना का ऐलान किया
तमिलनाडु बजट: आदिद्रविड़ों के लिए ₹300 करोड़ का हबिटेशन डेवलपमेंट स्कीम का ऐलान तमिलनाडु सरकार ने आदिद्रविड़ समुदायों के विकास के लिए ₹300 करोड़ की योजना शुरू की है।
तमिलनाडु सरकार ने आदिद्रविड़ समुदायों के विकास के लिए ₹300 करोड़ की योजना शुरू की है। बुधवार को तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने विधानसभा में ‘अयोथी थास पंडितर हबिटेशन डेवलपमेंट स्कीम’ का ऐलान किया। इस योजना का मकसद शहरी और ग्रामीण इलाकों में आदिद्रविड़ समुदायों के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है।
जमीन के मालिकाना हक और आधुनिक खेती पर जोर
2026-27 के संशोधित बजट पेश करते हुए विल्सन ने ‘मन्निन मगाल थिट्टम’ नाम की एक और योजना की घोषणा की। इसका उद्देश्य आदिद्रविड़ और आदिवासी महिलाओं को जमीन का मालिक बनाना है। इस योजना के तहत आधुनिक कृषि तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उत्पादन बढ़ सके। इसके लिए ₹20 करोड़ का बजट तय किया गया है।
विदेशी शिक्षा के लिए रिकॉर्ड फंड
‘अन्नाल अंबेडकर ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप स्कीम’ के लिए सरकार ने इस साल फंड में भारी बढ़ोतरी की है। इस योजना के तहत 362 छात्रों को, जो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं, ₹36 लाख तक की मदद मिलेगी। कुल ₹131 करोड़ का बजट इसके लिए रखा गया है।
उद्यमिता और आजीविका विकास
आदिद्रविड़ और आदिवासी उद्यमियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ₹75 करोड़ के बजट के साथ ‘वेट्री एंटरप्रेन्योर स्कीम’ शुरू करेगी। इस योजना में कैपिटल सब्सिडी और ब्याज में छूट दी जाएगी। साथ ही, ₹165 करोड़ के बजट के साथ ‘अन्नाल अंबेडकर बिजनेस चैंपियंस स्कीम’ भी शुरू होगी, जो इन समुदायों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लोन और सब्सिडी प्रदान करेगी।
आदिवासी विकास और बुनियादी ढांचा
‘आंद्रोर मेंबट्टु थिट्टम’ नाम की ₹250 करोड़ की योजना आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने पर केंद्रित होगी। इसमें घर, सड़कें, पीने का पानी, स्ट्रीटलाइट, स्वास्थ्य सुविधाएं और स्कूल-हॉस्टल जैसे शिक्षा केंद्रों को बेहतर बनाने का काम होगा।
समग्र कल्याण के लिए बड़े फंड
आदिद्रविड़ों के लिए स्पेशल कंपोनेंट्स प्लान के तहत ₹25,225 करोड़ और ट्राइबल सब-प्लान के तहत ₹2,079 करोड़ का बजट रखा गया है। सामाजिक न्याय विभाग को ₹3,937 करोड़ का फंड दिया गया है, जो राज्य सरकार की सामाजिक समानता और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्यों है ये अहम
इन घोषणाओं से तमिलनाडु सरकार का आदिद्रविड़ और आदिवासी समुदायों के ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने का प्रयास साफ दिखता है। शिक्षा, उद्यमिता और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देकर ये योजनाएं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती हैं।
स्रोत: The Hindu
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