सरकार ग्रेजुएट्स के लिए रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
सरकार ग्रेजुएट्स के लिए रोजगार के मौके बढ़ाने के कदम उठाएगी: स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर तमिलनाडु में शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
तमिलनाडु में शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने शनिवार को यह बात कही। वह पैट्रिशियन कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस के सिल्वर जुबली समारोह के समापन पर बोल रहे थे। प्रभाकर ने माना कि ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स के लिए उनकी योग्यता के मुताबिक नौकरी ढूंढ पाना एक बड़ी समस्या है।
शिक्षा और रोजगार के बीच तालमेल की कमी
प्रभाकर ने इस समस्या के लिए पॉलिसी में कमी और तमिलनाडु में इंजीनियरिंग कॉलेजों की तेजी से बढ़ती संख्या को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य में कई आर्ट्स और साइंस कॉलेज इनोवेटिव कोर्स तो ऑफर कर रहे हैं, लेकिन फिर भी कई ग्रेजुएट्स को उनकी पढ़ाई और टैलेंट के मुताबिक नौकरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने ऐसे रोजगार के मौके की जरूरत पर जोर दिया, जहां वेतन उनके स्किल और ज्ञान की कमाई की क्षमता को दर्शाए।
सरकार समाधान पर काम कर रही है
प्रभाकर ने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं को नौकरी की सुरक्षा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इन चुनौतियों को हल करने के लिए पॉलिसी लागू करने के लिए समय मांगा है।
AI के दौर में अपस्किलिंग की जरूरत
AI, IT और डिजिटल सर्विसेज मंत्री आर. कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ग्लोबल इंडस्ट्रीज पर बड़ा असर पड़ रहा है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सिर्फ अपनी डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि अपस्किलिंग पर ध्यान दें ताकि बदलते जॉब मार्केट में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
कार्यक्रम की खास बातें
इस कार्यक्रम में पैट्रिशियन कॉलेज के रिटायर्ड फैकल्टी और स्टाफ को सम्मानित किया गया। समारोह में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें कॉलेज के डायरेक्टर और सेक्रेटरी ब्रदर विंसेंट जॉर्ज और प्रिंसिपल एरोकीमारी गीता रूफस शामिल थे।
यह घोषणा तमिलनाडु के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के मौके को जोड़ने की सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सरकार ग्रेजुएट्स के लिए रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए क्या कर रही है?
तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इन चुनौतियों को हल करने के लिए नई पॉलिसी लागू करने के लिए समय मांगा है।
ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने में क्या समस्या है?
ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स को अपनी योग्यता के मुताबिक नौकरी ढूंढना मुश्किल हो रहा है। इसका कारण पॉलिसी में कमी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की अधिक संख्या, और शिक्षा व रोजगार के बीच तालमेल की कमी है।
AI के दौर में युवाओं को क्या सलाह दी गई है?
AI, IT और डिजिटल सर्विसेज मंत्री आर. कुमार ने छात्रों को सलाह दी कि वे सिर्फ अपनी डिग्री तक सीमित न रहें। उन्हें अपस्किलिंग पर ध्यान देना चाहिए ताकि बदलते जॉब मार्केट में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सरकार किस तरह के रोजगार के मौके चाहती है?
सरकार ऐसे रोजगार के मौके चाहती है जहां वेतन ग्रेजुएट्स के स्किल और ज्ञान की कमाई की क्षमता को सही तरीके से दर्शाए।
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