तमिलनाडु विधानसभा में TVK के विधायकों की गाड़ियों को लेकर DMK से तीखी बहस
तमिलनाडु विधानसभा में TVK के विधायकों के लिए गाड़ी खरीद पर DMK और सत्ता पक्ष में तीखी नोकझोंक। F4 रेस भी बना विवाद का मुद्दा।
तमिलनाडु विधानसभा में शुक्रवार को तीखी नोकझोंक हुई जब सत्ताधारी TVK के विधायकों के लिए गाड़ियां खरीदने के फैसले पर DMK विधायक जी.वी. मार्कंडेयन ने आलोचना की और कहा कि सरकार को विधायकों की गाड़ियों से पहले जनता के लिए किए गए वादों को पूरा करना चाहिए।
मंत्रियों ने गाड़ी खरीद का बचाव किया, विधानसभा क्षेत्रों के दौरे का हवाला दिया
कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इन गाड़ियों से विधायक अपने क्षेत्रों में घूम पाएंगे और दावा किया कि गांव वालों ने शिकायत की है कि मार्कंडेयन खुद कभी उनसे मिलने नहीं गए। स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुण राज ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सिर्फ 100 दिन पूरे करने के बाद भी चुनावी वादे पूरे करना शुरू कर दिया है।
अरुण राज ने कहा, "आज हम बिना पैसे/स्क्वायर फुट लिए बिल्डिंग निर्माण को मंजूरी दे रहे हैं। आप कैसे कह रहे हैं कि कोई बदलाव नहीं हुआ?" उन्होंने सवाल किया कि पिछली DMK सरकार ने मरीना में दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के लिए स्मारक बनाने की योजना क्यों बनाई जबकि उन्हें पता था कि राज्य की माली हालत खराब है।
फॉर्मूला 4 रेस बना नया विवाद
बहस ने अचानक मोड़ लिया जब राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने अगस्त या सितंबर 2024 में DMK द्वारा आयोजित फॉर्मूला 4 नाइट रेस का मुद्दा उठाया। DMK के उप सदन नेता के.एन. नेहरू ने इस इवेंट का बचाव करते हुए कहा कि उस समय के खेल मंत्री उधयनिधि स्टालिन ने शतरंज, हॉकी और कार रेसिंग समेत कई खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया था।
उधयनिधि स्टालिन ने सीधे जवाब देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सिर्फ उन्हीं विधायकों को गाड़ियां देने की मंजूरी दी थी जिन्हें जरूरत थी और कहा कि DMK विधायकों को गाड़ियों की जरूरत नहीं है। रेसिंग इवेंट पर उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी और एशिया की पहली नाइट रेस थी।
उधयनिधि ने कहा, "उस समय कई लोग कोर्ट में गए और कहा कि यह सुरक्षित नहीं है। लेकिन कोर्ट ने इसकी इजाजत दी। आप हमें नहीं, मोटर स्पोर्ट रेसरों को नीचा दिखा रहे हैं।"
यह टकराव DMK और TVK के बीच लगातार जारी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है, जहां विपक्ष नई सरकार के खर्च को निशाना बना रहा है जबकि सत्ताधारी पार्टी प्रशासनिक फैसलों और पुराने खेल आयोजनों का बचाव कर रही है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
TVK सरकार विधायकों के लिए गाड़ियां क्यों खरीद रही है?
कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार के अनुसार, इन गाड़ियों से विधायक अपने क्षेत्रों में घूम पाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव वालों ने शिकायत की है कि विपक्षी विधायक अपने इलाकों में दौरे नहीं करते।
DMK विधायक मार्कंडेयन को इस फैसले पर क्या आपत्ति है?
वह कहते हैं कि सरकार को विधायकों की गाड़ियों से पहले जनता के लिए किए गए चुनावी वादों को पूरा करना चाहिए। उनका मानना है कि सरकार को पहले अपनी प्राथमिकताएं ठीक करनी चाहिए।
विधानसभा में फॉर्मूला 4 नाइट रेस का मुद्दा क्यों उठा?
राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने अगस्त या सितंबर 2024 में DMK द्वारा आयोजित F4 नाइट रेस का जिक्र किया। वह TVK विधायकों की गाड़ियों के खर्च की तुलना पिछली सरकार के इस इवेंट से करना चाहते थे।
F4 नाइट रेस को लेकर DMK का क्या कहना है?
DMK का कहना है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी और एशिया की पहली नाइट रेस थी। उधयनिधि स्टालिन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सिर्फ जरूरत वाले विधायकों को ही गाड़ियां दी थीं।
स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुण राज ने सरकार के काम का क्या दावा किया?
अरुण राज ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सिर्फ 100 दिन पूरे करने के बाद ही चुनावी वादे पूरे करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब बिना पैसे लिए बिल्डिंग निर्माण को मंजूरी दे रही है।
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