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चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर के विकास को सरकार ने मंजूर किए ₹17 करोड़

कोझिकोड के चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर के विकास को ₹17 करोड़ की मंजूरी मिली, लेकिन जमीन ट्रांसफर और सीआरजेड अनुमति के बाद ही काम शुरू होगा।

चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर के विकास को सरकार ने मंजूर किए ₹17 करोड़
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कोझिकोड जिले में चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर का निर्माण तभी शुरू होगा, जब प्रोजेक्ट के लिए तय जमीन वन विभाग से ट्रांसफर हो जाएगी और जरूरी मंजूरियां मिल जाएंगी। मत्स्य पालन मंत्री वी.ई. अब्दुल गफूर ने विधानसभा को यह जानकारी दी।

राज्य सरकार ने सेंटर के पूरे विकास के लिए ₹17 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास, एमएलए की ओर से रखे गए प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

सेंटर में प्रस्तावित सुविधाएं

इस प्रोजेक्ट में मछली की नीलामी के लिए एक हॉल, जाल की मरम्मत के लिए एक शेड, पार्किंग एरिया, कैंटीन, टॉयलेट और दुकानें बनाने की योजना है। प्रोजेक्ट के लिए पहचानी गई जमीन फिलहाल वन विभाग की है।

मत्स्य पालन विभाग ने PARIVESH पोर्टल के जरिए स्टेज I की मंजूरी के लिए नई अर्जी जमा की है। पहले मिली मंजूरी तकनीकी दिक्कतों के कारण रद्द कर दी गई थी। इसके बाद विभाग को नई अर्जी जमा करनी पड़ी।

मंत्री ने बताया कि कोझिकोड जिले के चेम्बनोड गांव में पहचानी गई जमीन मुआवजे के तौर पर वनरोपण के लिए दी जाएगी।

प्रशासनिक मंजूरी मिलने से प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का आधार तैयार हो गया है। लेकिन इससे निर्माण तुरंत शुरू करने की इजाजत नहीं मिलती। इसकी वजह यह है कि जमीन का ट्रांसफर और जरूरी कानूनी मंजूरियां अभी बाकी हैं।

जमीन का ट्रांसफर और मंजूरियां अब भी बाकी

प्रस्तावित जगह कोस्टल रेगुलेशन जोन के तहत आती है। इसलिए निर्माण शुरू करने से पहले प्रोजेक्ट के लिए सीआरजेड मंजूरी लेना जरूरी है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट के लिए जरूरी जमीन को वन विभाग से ट्रांसफर भी करना होगा।

कोझिकोड के जिला कलेक्टर ने प्रोजेक्ट वाली जगह पर बने अस्थायी ढांचों को हटाने की निगरानी के लिए एक स्थानीय समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस समिति में इलाके के एमएलए और मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

मंत्री ने कहा कि जमीन ट्रांसफर होने और जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद विभाग तकनीकी मंजूरी और टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। यानी प्रोजेक्ट के अगले कदम जमीन के ट्रांसफर, मंजूरी से जुड़ी प्रक्रियाओं, तकनीकी मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर होंगे। प्रशासनिक मंजूरी के बाद भी ये सभी चरण पूरे होना जरूरी है। जमीन वन विभाग से मिलने और बाकी जरूरी मंजूरियां हासिल होने के बाद ही विभाग निर्माण से जुड़ी अगली कार्रवाई कर सकेगा।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर के विकास के लिए कितनी राशि मंजूर हुई है?

राज्य सरकार ने इसके पूरे विकास के लिए ₹17 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दी है।

चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर का निर्माण कब शुरू होगा?

निर्माण तब शुरू होगा, जब प्रोजेक्ट की जमीन वन विभाग से ट्रांसफर हो जाएगी और जरूरी मंजूरियां मिल जाएंगी।

चेलियाम फिश लैंडिंग सेंटर में कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी?

सेंटर में मछली की नीलामी के लिए हॉल, जाल की मरम्मत के लिए शेड, पार्किंग एरिया, कैंटीन, टॉयलेट और दुकानें बनाने की योजना है।

निर्माण शुरू करने से पहले कौन-सी मंजूरियां जरूरी हैं?

जमीन का वन विभाग से ट्रांसफर और कोस्टल रेगुलेशन जोन यानी सीआरजेड की मंजूरी जरूरी है। इसके बाद तकनीकी मंजूरी और टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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