चीन में सोलर एनर्जी के विस्तार से पक्षियों की प्रजातियों में गिरावट
चीन के रिसर्च में सामने आया कि सोलर एनर्जी के विस्तार से पक्षियों की विविधता कम हो रही है। हैबिटैट टूटने से जैव विविधता को नुकसान।
चीन में सोलर पैनल पक्षियों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं, अंतरराष्ट्रीय स्टडी में खुलासा
चीन और अमेरिका के रिसर्चरों की एक संयुक्त स्टडी में पता चला है कि चीन में सोलर पैनल लगाने से जैव विविधता को नुकसान पहुंच रहा है। स्टडी में सामने आया कि जिन इलाकों में सरकार ने फोटोवोल्टिक डेवलपमेंट के लिए ज्यादा प्रोत्साहन दिया, वहां पक्षियों की प्रजातियों में तेजी से कमी आई।
शुक्रवार को पीयर-रिव्यूड जर्नल साइंस में छपी इस स्टडी में सोलर एनर्जी के लिए सरकारी समर्थन और पक्षियों की घटती विविधता के बीच सीधा संबंध मिला। आर्थिक रूप से विकसित और रेगिस्तान से बाहर के इलाकों में सबसे ज्यादा प्रजातियों का नुकसान हुआ।
हैबिटैट टूटने से प्रजातियों में आई कमी
सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ने से पक्षियों के चारा ढूंढने और प्रजनन के लिए अहम जगहों पर कब्जा हो गया है। इससे बची हुई जगहें भी टुकड़ों में बंट गई हैं। रिसर्चरों ने इसे कार्बन कम करने के लक्ष्य और जैव विविधता की सुरक्षा के बीच एक "गंभीर हरित दुविधा" बताया है।
नानजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों की अगुवाई में हुई इस रिसर्च में चीन, वियतनाम और अमेरिका के साथी शामिल थे। टीम ने चेतावनी दी कि नीति के तहत सोलर एनर्जी का विस्तार अगर सही स्थानीय प्लानिंग के बिना किया गया तो इससे स्थानीय इकोसिस्टम को अनजाने में नुकसान हो सकता है।
'घटिया हरियाली' से छिप रहा पर्यावरणीय नुकसान
जांचकर्ताओं ने एक घटना की पहचान की जिसे उन्होंने "घटिया हरियाली" नाम दिया है—यानी पत्तियों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन इससे वन्यजीवों के रहने लायक हैबिटैट नहीं बन रहा। यह खोज रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट वाले इलाकों में वनस्पति की बढ़ोतरी को पर्यावरणीय सेहत का पैमाना मानने की पारंपरिक सोच को चुनौती देती है।
"भविष्य में फोटोवोल्टिक डेवलपमेंट के साथ जैव विविधता की सख्त सुरक्षा होनी चाहिए, खासकर आर्थिक रूप से विकसित इलाकों में जहां हैबिटैट जटिल है," रिसर्च टीम ने अपने पेपर में कहा।
यह नतीजे चीन के दोहरे पर्यावरणीय लक्ष्यों के बीच तनाव को उजागर करते हैं: जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए सोलर क्षमता तेजी से बढ़ाना और साथ ही विकास के दबाव में पहले से जूझ रहे इकोसिस्टम की अखंडता को बचाए रखना।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन में सोलर पैनल से पक्षियों को क्या नुकसान हो रहा है?
सोलर पैनल लगाने से पक्षियों के रहने की जगहें खत्म हो रही हैं। इससे पक्षी अपना खाना ढूंढ नहीं पाते और प्रजनन के लिए सही जगह नहीं मिलती। जहां सरकार ने सोलर एनर्जी के लिए ज्यादा समर्थन दिया, वहां पक्षियों की प्रजातियों में तेजी से कमी आई है।
यह स्टडी किसने किया और कहां छपा?
चीन और अमेरिका के रिसर्चरों की एक संयुक्त टीम ने यह स्टडी किया, जिसमें नानजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक भी शामिल थे। यह स्टडी पीयर-रिव्यूड जर्नल साइंस में छपी है।
'घटिया हरियाली' का मतलब क्या है?
'घटिया हरियाली' एक ऐसी स्थिति है जहां पत्तियों और पौधों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इससे जानवरों के रहने लायक सही हैबिटैट नहीं बन रहा। यानी सिर्फ हरियाली दिख रही है, पर असल में वन्यजीवों के लिए कोई फायदा नहीं हो रहा।
किन इलाकों में पक्षियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
आर्थिक रूप से विकसित और रेगिस्तान से बाहर के इलाकों में पक्षियों की प्रजातियों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन जगहों पर हैबिटैट ज्यादा जटिल होता है।
चीन को किस 'हरित दुविधा' का सामना करना पड़ रहा है?
चीन को दो विरोधी लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल है - एक तरफ जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सोलर एनर्जी को तेजी से बढ़ाना जरूरी है, दूसरी तरफ इससे पहले से कमजोर इकोसिस्टम और वन्यजीवों को और नुकसान पहुंच रहा है।
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