श्रावस्ती में 83 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने टास्क फोर्स बैठक में सघन अभियान चलाकर पुनः सत्यापन के निर्देश दिए।
श्रावस्ती के जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में श्रम विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स से संबंधित एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनपद के 5 ब्लॉकों में से 83 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने का प्रस्ताव ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा ब्लॉक कल्याण एवं संरक्षण समिति से प्राप्त होने के बाद जिला टास्क फोर्स के समक्ष रखा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने वाली ग्राम पंचायतों में से जिनमें इस वित्तीय वर्ष में कोई बाल श्रमिक पाया गया है, ऐसी ग्राम पंचायतों में अगले एक माह तक सघन बाल श्रम प्रवर्तन अभियान चलाकर मॉनिटरिंग की जाए और पुनः सत्यापन किया जाए। यदि अभियान में कोई बाल श्रमिक नहीं पाया जाता है तो उस ग्राम पंचायत को पुनः बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाए।
जिलाधिकारी ने श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम्य विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग जैसे संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों को कार्य से मुक्त कराकर उन्हें विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़ा जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विधि एवं राजस्व ललित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके सिंह, क्षेत्राधिकारी भिनगा, जिला प्रोबेशन अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त तहसीलदार, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य, बाल संरक्षण अधिकारी, एएचटीयू, देहात इंडिया संस्था व बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स के अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में कितनी ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा रहा है?
श्रावस्ती के 5 ब्लॉकों में से कुल 83 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
बाल श्रम मुक्त घोषित पंचायतों में अगला कदम क्या होगा?
जिन पंचायतों में इस साल बाल श्रमिक पाए गए हैं, वहां अगले एक महीने तक सघन अभियान चलाकर सत्यापन किया जाएगा। अगर दोबारा कोई बाल श्रमिक नहीं मिलता है तो उन्हें फिर से बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाएगा।
बाल श्रमिकों के साथ क्या किया जाएगा?
बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराकर विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।
इस अभियान में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग आपस में समन्वय करके काम कर रहे हैं।
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