उत्तर प्रदेश में 43 साल पुराने मारपीट मामले में अदालत का फैसला
सोशल मीडिया पर इन दिनों 80s का दौर जोरों पर चल रहा है। पुरानी फिल्मों, गानों और यादों की बातें हो रही हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों 80s का दौर जोरों पर चल रहा है। पुरानी फिल्मों, गानों और यादों की बातें हो रही हैं। लेकिन इसी बीच उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो लोगों का ध्यान खींच रही है। यह मामला किसी फिल्म या गाने का नहीं, बल्कि करीब 43 साल पुराने एक मुकदमे का है जिसमें अदालत ने आखिरकार फैसला सुना दिया है।
साल 1983 में सिरसिया थाने में मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में दर्ज हुए इस मुकदमे में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को न्यायालय उठने तक के कारावास की सजा के साथ-साथ 600-600 रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
पुलिस के मुताबिक, यह मुकदमा 1983 में थाना सिरसिया में दर्ज किया गया था। मामले में बदलू सिंह और ढोढ़े नाम के दो अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। दोनों अभियुक्त निखिहा गांव के रहने वाले हैं जो थाना सिरसिया इलाके में आता है। उन पर धारा 323 और 504 के तहत केस दर्ज किया गया था।
आरोप यह था कि दोनों अभियुक्तों ने वादी के साथ मारपीट की थी और गाली-गलौज भी की थी। इस मामले को दर्ज हुए लगभग 43 साल का समय बीत गया, लेकिन अब जाकर इसमें अदालत का फैसला आया है।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत इस मामले में प्रभावी पैरवी की गई। इस पैरवी के नतीजे में 10 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय के न्यायाधीश दिलीप कुमार साहनी ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। न्यायाधीश दिलीप कुमार साहनी JM श्रावस्ती की अदालत में तैनात हैं।
अदालत ने दोनों अभियुक्तों को न्यायालय उठने तक कारावास में रहने की सजा दी है। इसके अलावा दोनों पर 600-600 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर जहां 80s की यादें और पुरानी चीजें ट्रेंड कर रही हैं, वहीं श्रावस्ती का यह 1983 का मुकदमा भी अब चर्चा में आ गया है। एक तरफ लोग 80s के दौर को याद कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उसी दौर का यह चार दशक से ज्यादा पुराना मामला सुर्खियों में है।
यह मामला इस बात की तरफ भी इशारा करता है कि न्याय की प्रक्रिया भले ही लंबी हो सकती है, लेकिन पुराने से पुराने मामलों में भी पैरवी और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत पुलिस ऐसे पुराने मामलों में भी प्रभावी पैरवी कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मामला कितने साल पुराना है और इसमें क्या आरोप थे?
यह मामला 43 साल पुराना है। साल 1983 में उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के थाना सिरसिया में दो अभियुक्तों - बदलू सिंह और ढोढ़े के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का केस दर्ज किया गया था।
अदालत ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। उन्हें न्यायालय उठने तक कारावास की सजा के साथ-साथ 600-600 रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।
ये अभियुक्त कहां के रहने वाले हैं?
दोनों अभियुक्त निखिहा गांव के रहने वाले हैं, जो थाना सिरसिया के इलाके में आता है।
इतने साल बाद अचानक इस मामले में फैसला क्यों आया?
पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत इस पुराने मामले में प्रभावी पैरवी की गई, जिससे न्यायाधीश दिलीप कुमार साहनी ने 10 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया।
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