नोएडा: PG-हॉस्टल से चोरी कर तमिलनाडु में बेचने वाला चोर पकड़ा गया
गौतमबुद्धनगर की सेक्टर-126 पुलिस ने ऐसे शातिर चोर को पकड़ा जो PG, हॉस्टल और किराये के कमरों से सामान चुराकर तमिलनाडु भेजकर बेच देता था। उसके पास से 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल, एक बाइक और चाकू मिला।
गौतमबुद्धनगर की सेक्टर-126 पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को पकड़ने में कामयाबी पाई है, जो नोएडा और एनसीआर के PG, हॉस्टल, फ्लैट और किराये के कमरों से चोरी करता था और चुराया हुआ सामान अपने घर तमिलनाडु भेजकर बेच देता था। पुलिस ने उसके पास से चोरी के 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, ₹12,500 कैश और एक अवैध चाकू बरामद किया है।
कैसे खुला मामला
बात तब शुरू हुई जब एक शख्स सेक्टर-126 थाने पहुंचा और बताया कि किसी ने उसके कमरे का दरवाजा खुला देखकर उसके दो लैपटॉप और उसके दोस्त व रूम पार्टनर का एक-एक लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस चुरा लिया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया (मु0अ0सं0-117/2026, धारा 305(1) बीएनएस)। चोर को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई गई, जिसने सबसे पहले आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखनी शुरू की।
कैसे हुई गिरफ्तारी
2 जुलाई 2026 को सेक्टर-126 पुलिस ने पक्की खबर और अपने सूत्रों की मदद से चोर बालन गोविन्दन को सेक्टर-131 नोएडा से पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक करीब 36 साल का बालन असल में तमिलनाडु के तिरुपत्तूर का रहने वाला है और काफी समय से नोएडा और एनसीआर में रहकर लगातार चोरियां कर रहा था।
एक साथ कई चोरियों का पर्दाफाश
उसके पास से पुलिस को कई अलग-अलग केस से जुड़ा चोरी का सामान मिला। इनमें केस नंबर 117/2026 से जुड़े 4 लैपटॉप, एक आधार कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस, केस 99/2026 के चोरी के सामान को बेचकर मिले ₹6,500 कैश, सेक्टर-113 थाने के केस 267/2026 से जुड़ी एक मोटरसाइकिल (UP16CS5291), एक्सप्रेस-वे थाने के केस 95/2026 से जुड़े 2 आईफोन और बिक्री से मिले ₹6,000 कैश, तथा दूसरी चोरियों से जुड़े 5 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप और एक चाकू शामिल हैं।
कैसे करता था चोरी
पूछताछ में पता चला कि बालन गोविन्दन पुराना और शातिर चोर है। वह खासकर उन PG, किराये के मकानों, फ्लैट और सोसाइटी को निशाना बनाता था जहां नौकरी करने वाले लोग और छात्र रहते हैं। चोरी से पहले वह कई दिन तक इलाके की रेकी करता और ऐसे कमरे-मकान चुन लेता था जहां सुरक्षा कमजोर होती या दरवाजे खुले रह जाते थे। मौका मिलते ही वह मोबाइल, लैपटॉप, कैश, आधार-लाइसेंस जैसे कागज़ात और दूसरा कीमती सामान लेकर भाग जाता था।
पुलिस के मुताबिक चोरी के लिए वह अक्सर चोरी की ही मोटरसाइकिल इस्तेमाल करता था और खुद को छिपाने के लिए कई बार रैपिडो और ओला जैसी बाइक ऐप का भी सहारा लेता था। चुराए हुए मोबाइल और लैपटॉप वह रास्ते चलते लोगों को सस्ते में बेच देता या फिर पार्सल से अपने घर तमिलनाडु भेजकर बेच देता था। चोरी से मिले पैसों से वह अपने खर्चे चलाता था। कोई रोकता या विरोध करता तो डराकर भागने के लिए वह अपने पास चाकू रखता था। बाकी जो मोबाइल और लैपटॉप मिले हैं, वे किन चोरियों के हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस की अपील
इस तरह की चोरियां शहर में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए एक सीख हैं, जो ज़्यादातर PG और किराये के कमरों में रहते हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि कमरे और घर के दरवाजे बंद रखें, कीमती सामान खुला या बेध्यानी में न छोड़ें, और कुछ भी संदिग्ध दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चोर ने किन जगहों से चोरी की थी?
चोर ने नोएडा और एनसीआर के PG, हॉस्टल, फ्लैट और किराये के कमरों से चोरी की थी।
चोर को कैसे पकड़ा गया?
चोर को सेक्टर-126 पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को सेक्टर-131 नोएडा से पकड़ा।
चोर के पास से क्या-क्या सामान बरामद हुआ?
चोर के पास से 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, ₹12,500 कैश और एक अवैध चाकू बरामद हुआ।
चोर ने चोरी कैसे की?
चोर पहले इलाके की रेकी करता था और कमजोर सुरक्षा वाले कमरों को निशाना बनाता था।
पुलिस की क्या सलाह है?
पुलिस लोगों से अपील करती है कि कमरे और घर के दरवाजे बंद रखें और कीमती सामान बेध्यानी में न छोड़ें।
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