सतीशन बोले, केरल ने केंद्रीय प्रोजेक्ट्स में 25% भी दावा नहीं किया
वीडी सतीशन ने कहा कि केरल अब केंद्रीय प्रोजेक्ट्स की पहचान कर पूरी हिस्सेदारी लेने के लिए राज्य योजना बोर्ड की मदद से विस्तृत योजना बनाएगा।
केंद्रीय प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए कदम उठाएगा केरलम: वी.डी. सतीशन
केंद्रीय सरकार के प्रोजेक्ट्स की जांच से पता चला है कि राज्य सरकार के विभागों ने अब तक उन प्रोजेक्ट्स में से 25% का भी दावा नहीं किया है, जिनके लिए राज्य हकदार है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि केरलम सरकार अब एक बड़ी पहल शुरू कर रही है। इसके तहत योजनाबद्ध और लगातार चलने वाले तरीके से इन प्रोजेक्ट्स का फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी। सतीशन ने कहा कि राज्य की कोशिश का फोकस ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान करने और केंद्र से राज्य का पूरा हक लेने पर रहेगा।
राज्य योजना बोर्ड प्रोजेक्ट्स की जांच करेगा
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य योजना बोर्ड से राज्य के लिए उपलब्ध केंद्रीय प्रोजेक्ट्स की जांच करने को कहा गया था। सतीशन ने कहा कि सरकार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके और केंद्र पर जरूरी दबाव बनाकर अपना पूरा हिस्सा लेने का दावा करेगी।
उन्होंने केंद्र में प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनाए जा रहे तरीके में बदलाव की ओर भी इशारा किया। यह बदलाव योजना आयोग की जगह नीति आयोग के आने के बाद हुआ है। सतीशन के मुताबिक, इस बदलाव से केंद्र में प्रोजेक्ट पर आधारित तरीका शुरू हुआ है।
ये बातें पिछले हफ्ते कैबिनेट के उस फैसले को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कही गईं, जिसमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता एम.के. मुनीर को प्रशासनिक सुधार आयोग का अध्यक्ष और फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता जी. देवराजन को नई दिल्ली में सरकार का प्रतिनिधि नियुक्त करने का फैसला किया गया था।
प्रस्तावित योजना सुधारों को लेकर विवाद
यूडीएफ सरकार के राज्य योजना बोर्ड को एक ‘थिंक टैंक’ में बदलने के प्रस्ताव को लेकर पहले विवाद शुरू हो गया था। विपक्षी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने चिंता जताई थी कि बोर्ड का भी वही हाल हो सकता है, जो केंद्रीय योजना आयोग का हुआ।
सरकार की ताजा स्थिति में राज्य योजना बोर्ड को केंद्रीय प्रोजेक्ट्स का आकलन करने, जरूरी रिपोर्ट तैयार करने और केंद्र के सामने राज्य के दावे को आगे बढ़ाने की कोशिश के केंद्र में रखा गया है। सतीशन ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी था, क्योंकि अब तक राज्य के विभागों ने उन प्रोजेक्ट्स में अपना पूरा हिस्सा नहीं मांगा था, जिनके लिए राज्य हकदार था।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल ने केंद्रीय प्रोजेक्ट्स को लेकर क्या दावा किया है?
केरल सरकार ने अब तक उन केंद्रीय प्रोजेक्ट्स में से 25% का भी दावा नहीं किया है, जिनके लिए राज्य हकदार है।
केरल सरकार अब क्या कदम उठाएगी?
सरकार ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान करेगी, विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और केंद्र से राज्य का पूरा हक लेने की कोशिश करेगी।
राज्य योजना बोर्ड की क्या भूमिका होगी?
राज्य योजना बोर्ड केंद्रीय प्रोजेक्ट्स की जांच करेगा, जरूरी रिपोर्ट बनाएगा और केंद्र के सामने राज्य का दावा आगे बढ़ाएगा।
प्रोजेक्ट्स को लेकर केंद्र की नीति में क्या बदलाव आया है?
योजना आयोग की जगह नीति आयोग आने के बाद केंद्र में प्रोजेक्ट पर आधारित तरीका शुरू हुआ है।
राज्य योजना बोर्ड को लेकर क्या विवाद है?
यूडीएफ सरकार के बोर्ड को ‘थिंक टैंक’ में बदलने के प्रस्ताव का विपक्षी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने विरोध किया है।
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