News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
National Explainer

सारनाथ बना भारत का 45वां UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट

अजंता से सारनाथ तक: भारत के UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की कहानी सारनाथ बना भारत का 45वां UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट सारनाथ, वो पवित्र जगह जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला

News Darpan AI image
News Darpan AI image

सारनाथ बना भारत का 45वां UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट

सारनाथ, वो पवित्र जगह जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला उपदेश दिया था, अब आधिकारिक तौर पर UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित हो गया है। इस मान्यता को इस महीने की शुरुआत में वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी के 48वें सत्र में दिया गया। यह भारत की धरोहर यात्रा में एक बड़ा कदम है।

भारत की बढ़ती हेरिटेज लिस्ट

सारनाथ के जुड़ने के साथ, भारत के पास अब 45 UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं। इनमें 37 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिक्स्ड साइट शामिल हैं। इस लिस्ट में भारत दुनिया में छठे स्थान पर है। यह सफर 1983 में शुरू हुआ था, जब अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं और आगरा का किला पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए थे।

सालों में भारत की हेरिटेज लिस्ट में न सिर्फ ऐतिहासिक इमारतें जुड़ीं, बल्कि ऐतिहासिक शहर, सांस्कृतिक स्थल, जैव विविधता वाले इलाके और पहाड़ी रेलवे भी शामिल हुए। सारनाथ का जुड़ना इस बात को दिखाता है कि हेरिटेज की समझ अब सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन जगहों को भी पहचान दी जा रही है जिनका सांस्कृतिक और बौद्धिक महत्व है। यह बौद्ध धर्म के वैश्विक धार्मिक और दार्शनिक प्रभाव को भी उजागर करता है।

UNESCO मान्यता पाने का सफर

UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस पाने की प्रक्रिया काफी कठिन और लंबी होती है। पहले साइट को देश की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। फिर इसकी प्राथमिक जांच होती है कि यह योग्य है या नहीं। इसके बाद एक विस्तृत नॉमिनेशन डोजियर तैयार किया जाता है, जिसे UNESCO की सलाहकार संस्थाएं जैसे ICOMOS (सांस्कृतिक साइट्स के लिए) और IUCN (प्राकृतिक साइट्स के लिए) जांचती हैं। अंतिम फैसला 21 सदस्यीय वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी करती है, जो तय करती है कि साइट UNESCO के OUV (Outstanding Universal Value), प्रामाणिकता और दीर्घकालिक संरक्षण के मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

भारत ने 1977 में वर्ल्ड हेरिटेज कन्वेंशन को रैटिफाई किया था और 1983 में पहली बार साइट्स को सूचीबद्ध किया गया। तब से भारत अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रदर्शित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

UNESCO स्टेटस क्यों है खास?

UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में शामिल होना किसी सांस्कृतिक या प्राकृतिक साइट के लिए सबसे बड़ी मान्यता है। इसका मतलब है कि यह साइट मानवता के लिए असाधारण महत्व रखती है और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।

इस स्टेटस से संरक्षण के प्रयासों में सुधार होता है, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता मिलती है और टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसर पैदा होते हैं।

हालांकि, इस मान्यता के साथ चुनौतियां भी आती हैं। कई हेरिटेज साइट्स को भीड़भाड़, प्रदूषण और शहरी अतिक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। UNESCO स्टेटस सरकारों और स्थानीय अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी डालता है कि वे मजबूत संरक्षण और प्रबंधन योजनाएं लागू करें ताकि साइट्स की लंबी अवधि तक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

साझी विरासत की पहचान

सारनाथ का UNESCO लिस्ट में शामिल होना सिर्फ इसके ऐतिहासिक महत्व की पहचान नहीं है, बल्कि यह वर्ल्ड हेरिटेज कन्वेंशन के मुख्य सिद्धांत को भी दोहराता है—कि असाधारण सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व वाली जगहें पूरी मानवता की संपत्ति हैं।

अजंता और एलोरा की प्राचीन गुफाओं से लेकर सारनाथ की पवित्र भूमि तक, भारत की वर्ल्ड हेरिटेज यात्रा यह दिखाती है कि देश अपनी विविध और साझी विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्रोत: Indian Express

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सारनाथ को कब UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया?

सारनाथ को इस महीने की शुरुआत में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया।

भारत में कुल कितनी UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं?

भारत में अब कुल 45 UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं।

सारनाथ का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

सारनाथ वह पवित्र जगह है जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला उपदेश दिया था।

UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस का क्या महत्व है?

UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस का मतलब है कि यह साइट मानवता के लिए असाधारण महत्व रखती है और इसे भविष्य के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।

UNESCO मान्यता पाने की प्रक्रिया कैसे होती है?

पहले साइट को देश की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है, फिर इसकी जांच होती है और एक विस्तृत नॉमिनेशन डोजियर तैयार किया जाता है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।