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श्रीशैलम मंदिर में सहस्र घटाभिषेक और वरुण यज्ञ संपन्न

श्रीशैलम मंदिर में सहस्र घटाभिषेक संपन्न श्रीशैलम मंदिर में सहस्र घटाभिषेक और वरुण यज्ञ के बीच धार्मिक अनुष्ठान सोमवार को श्रीशैलम के श्री भ्रमरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में भगवान मल्लिकार्जुन

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श्रीशैलम मंदिर में सहस्र घटाभिषेक और वरुण यज्ञ के बीच धार्मिक अनुष्ठान

सोमवार को श्रीशैलम के श्री भ्रमरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी का सहस्र घटाभिषेक किया गया। यह पांच दिन चलने वाले वरुण यज्ञ सहिता सहस्र घटाभिषेक का चौथा दिन था। इस पूजा का उद्देश्य समय पर और पर्याप्त बारिश के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करना है। मंदिर के देवस्थानम अधिकारियों द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पवित्र जल और पारंपरिक अनुष्ठान

दिन की शुरुआत विशेष पूजा से हुई, जिसमें एंडोमेंट्स डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर एस एस चंद्रशेखर आज़ाद, ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन पोटुगुंटा रमेश नायडू और एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एम श्रीनिवास राव ने भाग लिया। मंदिर के पुजारियों ने कृष्णा नदी और मंदिर परिसर में मौजूद पवित्र जल स्रोत मल्लिकगुंडा से जल लेकर अभिषेक किया।

36 ऋत्विकों की टीम, मंदिर के पुजारी और वेदों के विद्वान इस पूजा में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने पातालगंगा से कृष्णा नदी का जल इकट्ठा किया और उसे कलशों में भरकर मंदिर तक लाया। पारंपरिक संगीत और वेद मंत्रों के साथ पुजारियों ने इन कलशों को अपने सिर पर रखकर नंदी मंदिर तक पहुंचाया।

मंदिर परिसर में अलग-अलग देवताओं की पूजा

इस पवित्र जल का इस्तेमाल सबसे पहले भगवान नंदीश्वर के अभिषेक और अन्य पूजा के लिए किया गया। इसके बाद गांव की देवी अंकालम्मा और मंदिर के रक्षक भगवान वीरभद्रस्वामी को अर्पित किया गया। फिर इस जल को मंदिर परिसर के अक्का महादेवी अलंकार मंडपम में ले जाया गया, जहां भगवान मल्लिकार्जुन का सहस्र घटाभिषेक किया गया। इस अभिषेक में हजार कलशों का जल इस्तेमाल किया गया और साथ ही रुद्र मंत्रों का जाप भी हुआ।

देवता के लिए विशेष व्यवस्था

पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर तीन फुट ऊंची अस्थायी दीवार बनाई गई थी। इससे भगवान पूरे दिन पवित्र जल में डूबे रह सके। घटाभिषेक के बाद महा निवेदन, नीराजन और मंत्र पुष्पा जैसी अन्य पूजा भी की गई।

सहस्र घटाभिषेक, जो एक गहराई से प्रतीकात्मक और विस्तृत पूजा है, मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता और कृषि समृद्धि के लिए बारिश की प्रार्थना के साथ इसके जुड़ाव को दर्शाता है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीशैलम मंदिर में सहस्र घटाभिषेक कब हुआ?

यह सहस्र घटाभिषेक सोमवार को हुआ।

इस पूजा का उद्देश्य क्या है?

इस पूजा का उद्देश्य समय पर और पर्याप्त बारिश के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करना है।

कौन-कौन से प्रमुख लोग इस पूजा में शामिल हुए?

इस पूजा में एडिशनल कमिश्नर एस एस चंद्रशेखर आज़ाद, ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन पोटुगुंटा रमेश नायडू और एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एम श्रीनिवास राव शामिल हुए।

सहस्र घटाभिषेक में कितने कलशों का जल इस्तेमाल हुआ?

इस अभिषेक में हजार कलशों का जल इस्तेमाल किया गया।

पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी?

पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर तीन फुट ऊंची अस्थायी दीवार बनाई गई थी।

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